मोदी ने क्यों बढ़ाया हर्षवर्धन का कद?
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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन के कैबिनेट मंत्री बनते ही यह चर्चा तेज हो गई है कि दिल्ली में भाजपा से सीएम का चेहरा कौन होगा। राजनीतिक पंडित अभी से जोड़-घटाव में जुट गए हैं।
कयासों का दौर भी शुरू हो गया है। जहां मुख्यमंत्री की दौड़ के लिए डॉ. हर्षवर्धन को ही दोबारा प्रोजेक्ट करने की चर्चा हो रही है।
पार्टी में एक थ्योरी यह चल रही है कि केंद्र सरकार में डॉ. हर्षवर्धन इसलिए कैबिनेट में शामिल किया गया है ताकि उनका कद और ऊंचा किया जा सके और विधानसभा चुनाव में उन्हें और प्रबल सीएम कैंडिडेट के तौर पर प्रोजेक्ट किया जा सके।
आज अचानक आया बुलावा
ताज्जुब की बात है कि आज सुबह तक डॉ. हर्षवर्धन को उनके मत्री बनने की जानकारी नहीं थी।
आज सुबह जब कुछ पत्रकारों ने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि अभी उनके पास ऐसा कोई बुलावा नहीं आया है।
हालांकि शाम को हुए प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली।
किरण बेदी के नाम पर फिर से सुगबुगाहट
एक ओर तो पार्टी हर्षवर्धन को फिर से सीएम इन वेटिंग रखना चाहती है, वहीं दूसरी ओर पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को भी दौड़ में बताया जा रहा है।
कैबिनेट में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन के शामिल होने के बाद यह भी चर्चा तेज हो गई है कि अब उनकी भूमिका दिल्ली की राजनीति से खत्म हो जाएगी।
लिहाजा, एक बार फिर पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को सीएम प्रोजेक्ट करने की चर्चा तेज हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह में किरण बेदी की उपस्थिति के भी कई मतलब भाजपा नेता लगा रहे हैं।
एक विकल्प यह भी हो सकता है
हर्षवर्धन के चुनाव जीतने और किरण बेदी के नाम का विरोध होने के बाद दिल्ली की राजनीति में अब युवाओं को आगे लाने का भी फॉर्मूला पेश किया जा रहा है।
जानकारों का मानना है कि चौदह साल राजधानी की सत्ता से दूर रहे भाजपा नेता अब बदलाव चाहते हैं।
भाजपा के ज्यादातर विधायक अब रिटायरमेंट के करीब हैं। लिहाजा, अब युवाओं को आगे लाने की कवायद भी की जा सकती है।