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रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाया जाए: उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया
Thu, 21 Feb 2019 05:33 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 21 Feb 2019 05:33 AM IST
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Manish Sisodia
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पूरे रीयल स्टेट सेक्टर को जीएसटी के दायरे में लाने की वकालत की है। साथ ही लॉटरी के लिए एकल कर दरों को लागू करने का विरोध किया। उन्होंने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए होने वाली बैठक के रविवार तक स्थगित होने पर भी संतोष जताया संतोष।
दिल्ली सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए सिसोदिया ने बताया कि बुधवार को जीटीएसटी काउंसिल की बैठक में रीयल स्टेट सेक्टर को कंपोजिट योजना के दायरे में लाने व लाटरी के लिए एकल कर दरों का प्रस्ताव था। लेकिन दोनों प्रस्तावों को कई राज्यों के वित्त मंत्रियों ने विरोध किया। सभी राज्य गैर-भाजपा शासित थे।
दिल्ली के साथ इनका भी मानना था कि इस सेक्टर की अभी भी कुछ ही चीजें जीएसटी के दायरे में आ रही हैं। इतने से ही बिल्डर लॉबी घबराई हुई है। सिसोदिया ने बताया कि बैठक में भाजपा शासित राज्यों के कई वित्त मंत्रियों ने माना कि बिल्डर कह रहे हैं कि उनके फ्लैट नहीं बिक रहे हैं, इस सेक्टर पर काफी दबाव है।
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सिसोदिया ने सवाल किया कि क्या जीएटी काउंसिल की बैठक बिल्डर लॉबी को संतुष्ट करने के लिए बुलाई गई थी। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल का इतिहास रहा है कि जब-जब बैठक में आम राय नहीं बन पाई, उन्होंने बैठक स्थगित कर दी। इस बार भी बैठक स्थगित करके दुबारा रविवार को आमने-सामने बैठकर बात करने पर सहमति बनी है।
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दिल्ली सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए सिसोदिया ने बताया कि बुधवार को जीटीएसटी काउंसिल की बैठक में रीयल स्टेट सेक्टर को कंपोजिट योजना के दायरे में लाने व लाटरी के लिए एकल कर दरों का प्रस्ताव था। लेकिन दोनों प्रस्तावों को कई राज्यों के वित्त मंत्रियों ने विरोध किया। सभी राज्य गैर-भाजपा शासित थे।
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दिल्ली के साथ इनका भी मानना था कि इस सेक्टर की अभी भी कुछ ही चीजें जीएसटी के दायरे में आ रही हैं। इतने से ही बिल्डर लॉबी घबराई हुई है। सिसोदिया ने बताया कि बैठक में भाजपा शासित राज्यों के कई वित्त मंत्रियों ने माना कि बिल्डर कह रहे हैं कि उनके फ्लैट नहीं बिक रहे हैं, इस सेक्टर पर काफी दबाव है।
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सिसोदिया ने सवाल किया कि क्या जीएटी काउंसिल की बैठक बिल्डर लॉबी को संतुष्ट करने के लिए बुलाई गई थी। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल का इतिहास रहा है कि जब-जब बैठक में आम राय नहीं बन पाई, उन्होंने बैठक स्थगित कर दी। इस बार भी बैठक स्थगित करके दुबारा रविवार को आमने-सामने बैठकर बात करने पर सहमति बनी है।