'देश का बिगड़ता माहौल रोक देगा विकास का पहिया'
आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र और वर्तमान में आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन शनिवार को आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में चीफ गेस्ट बनकर पहुंचे। वहां रघुराम राजन छात्रों से मुखातिब हुए और कुछ ऐसे मुद्दों को छुआ जो इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
अपना संबोधन शुरू करने से पहले ही राजन ने छात्रों से कह दिया था कि अक्सर दीक्षांत समारोहों में चीफ गेस्ट ऐसी स्पीच देते हैं जो छात्र भुला देते हैं। लेकिन वो ऐसी स्पीच नहीं देंगे और अर्थशास्त्र जैसे बोरिंग सब्जेक्ट पर तो बिल्कुल नहीं बोलेंगे जो छात्र भुला दें। उनकी स्पीच सबको याद रहेगी।
इस समय देश में जिस तरह साहित्यकार, इतिहासकार और फिल्मकार अपने सम्मान वापस कर रहे हैं रघुराम राजन ने उस स्थिति को काफी चिंता जनक बताया है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था पर किस तरह इसका बुरा असर पड़ेगा व डीबेट करने की हमारी संस्कृति पर क्या आघात लगेगा इसी पर आरबीआई गवर्नर ने छात्रों को संबोधित किया।
रघुराम ने दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में सामंजस्य बनाए रखने के लिए सहशीलता और एक दूसरे का सम्मान करना बहुत जरूरी है क्योंकि यही चीजें समाज को संतुलित रखती हैं। उन्होंने डीबेट करने की आदत पर बहुत बल देते हुए उसे जारी रखने की बात कही।
डिबेट की संस्कृति से होता है विकास
रघुराम राजन ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति जिसमें हर पसंद ना आने वाली सोच को बैन करने की बात हो रही है उससे समाज में नए विचार आने बंद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी को भी अपने ढंग से सवाल उठाने और जीवन जीने का अधिकार होना चाहिए जब तक कि उससे किसी दूसरे को नुकसान ना पहुंचे।
रघुराम राजन ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि सवाल उठाना, बहस करना और नए विचारों के बारे में सोचना उन्होंने आईआईटी से ही सीखा है। राजन बोले कि दूसरों के विचार को सुनकर हम जो तुरंत नाराज हो जाते हैं उसे तब ही खत्म किया जा सकता है, जब हम ऐसा वातावरण पैदा करें जिसमें दूसरे के विचारों को सुनने और उसे सम्मान देने का भाव आए। वो तभी होगा जब लोगों में सहनशीलता और दूसरे के विचारों का सम्मान करने की आदत बढ़ेगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे अति लाइसेंस राज ने समाज को क्षति पहुंचाई और हमारे विकास को रोका वैसे ही अगर हर चीज में राजनीति आएगी तो उससे भी सामाजिक और आर्थिक विकास प्रभावित होगा।
'थियेटर इसलिए जाते थे ताकि लड़कियों के साथ बिता सकें समय'
रघुराम राजन ने अपने छात्र जीवन की एक मजेदार घटना के बारे में बताते हुए छात्रों से कहा कि आईआईटी की खासियत ये है कि यहां पढ़ाई के साथ-साथ अन्य एक्टिविटीज भी खूब होती हैं।
हमारे जमाने में लड़के सबसे ज्यादा थियेटर में जाना और हिस्सा लेना पसंद करते थे क्योंकि उसके बहाने उन्हें लड़कियों से ज्यादा बातचीत करने और उनके साथ समय बिताने का मौका मिलता था।
उन्होंने कहा कि लेकिन एक्टिंग में अच्छा ना होने के कारण वो थियेटर क्लासेज में नहीं जा पाते थे। बता दें कि अपने इसी भाषण की वजह से रघुराम राजन ट्विटर ट्रेंड में भी हैं।