सीता को देखकर डायलॉग भूल गया रावण, लगे ठहाके
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रामलीला के मंच पर कलाकारों के समक्ष कुछ ऐसी घटनाएं घटती हैं जो उसे आजीवन नहीं भूलती। कुछ ऐसा ही श्री दुर्गा रामलीला कमेटी के मंच पर दशक भर पहले हुआ था। जिसे आज भी याद कर लोग हंस पड़ते हैं।
मामला था सीता को देख रावण का बुरी तरह से नर्वस हो जाना। रावण की भूमिका निभाने वाले कलाकार बनवारी लाल सैनी सीता का सामना होते ही कुछ पलों के लिए अपनी एक्टिंग भूल गए थे।
उन दिनों जैकमपुरा की रामलीला को देखने के लिए हजारों की संख्या कि दर्शक मौजूद आए थे। सभी को अशोक वाटिका में दशानन और सीता के बीच होने वाले संवाद के दृश्य का बेसब्री से इंतजार था। अशोक वाटिका में रावण सीता को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए तरह-तरह से प्रयास कर रहा था।
सीता के चहरे पर नजर आता था भाई
रावण की भूमिका मजे हुए कलाकार बनवारी लाल सैनी निभा रहे थे। जैसे ही अशोक वाटिका में रावण का प्रवेश हुआ हर तरफ तालियों की गड़गड़ाहट होने लगी। रावण सीता के नजदीक पहुंचता है और नर्वस हो जाता है।
इस दृश्य को याद कर रावण की भूमिका निभाने वाले बनवारी लाल सैनी आज की हंस पड़ते हैं। अपने नर्वस होने का कारण सीता के रूप में मंच पर उनका सगा भाई भरत सिंह सैनी विराजमान था। सैनी बताते हैं कि जैसे ही वह सीता के चेहरे को देखते हैं तो एक्टिंग भूल जाते हैं।
उनके मन में एक ही बात थी कि अरे यह तो मेरा सगा भाई है। रावण-सीता का संवाद कुछ आशिकाना मिजाज का था।
रावण की भूमिका में बनवारी लाल सैनी को सीता के समक्ष ‘सुन सीते चंद्रमुखी चपल नयन चित चोर एक बार अनुराग से तूं देख ले ऐ सीते मेरी ओर, मजधार में है मेरी नैया पार उसे लगा दे, कर कृपा दृष्टि मेरे ऊपर कंचित तूं मुस्का दे’। संवाद बोलना था। उन्हें लगा कि वह यह संवाद भूल गए हैं। मगर बाद में उन्होंने किसी प्रकार से अपने मन को समझाया।