फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Rate of LIG Idblues, investors stranded.

एलआईजी के रेट में ईडब्लूएस, निवेशक फंसे

Mon, 16 Mar 2015 12:20 AM IST
आदर्श त्रिपाठी/अमर उजाला, गाजियाबाद
आदर्श त्रिपाठी/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Mon, 16 Mar 2015 12:20 AM IST
विज्ञापन
Rate of LIG Idblues, investors stranded.
एलआईजी से ज्यादा डिमांड ईडब्लूएस फ्लैट्स की। बाजार कीमत में भी एलआईजी ईडब्लूएस पर भारी। ऐसा सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन जीडीए की मधुबन-बापूधाम योजना केफ्लैट्स का तो यही हाल हो रहा है।
विज्ञापन


योजना में निवेश के लिहाज से फ्लैट्स खरीदने वाले बुरी तरह से फंस गए हैं। एलआईजी फ्लैट्स के आवंटियों को फ्लैट्स बेचने में एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है।
विज्ञापन


खरीदार न मिलने से अब तक 70 से अधिक आवंटी लाखों रुपये का घाटा उठाकर जीडीए को फ्लैट्स सरेंडर कर गए हैं। कई आवंटी तो दो-तीन लाख रुपये के नुकसान पर भी फ्लैट बेचने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जीडीए ने 2009 में मधुबन-बापूधाम में करीब एक हजार ईडब्लूएस और एलआईजी फ्लैट्स की स्कीम लांच की थी। ईडब्लूएस की कीमत करीब सवा तीन लाख और एलआईजी की साढ़े आठ लाख रुपये थी।

जीडीए की लंबे समय बाद आई इस आवासीय योजना में उत्साहित तत्कालीन इंजीनियरों ने ईडब्लूएस को एलआईजी की तरह ही डिजाइन कर दिया। दोनों श्रेणी के फ्लैट्स में दो-दो कमरे हैं।

दोनों के एरिये में भी तीन से पांच वर्गमीटर का ही अंतर है। फ्लैट्स की कास्ट रिवाइज होने के बाद ईडब्लूएस करीब चार लाख और एलआईजी 10.50 लाख रुपये हो गई।

अब स्थिति यह है कि बाजार में ईडब्लूएस आठ से नौ लाख रुपये में हाथोंहाथ बिक रहे हैं। 10.50 लाख कीमत वाले एलआईजी के लिए कोई इतने ही पैसे देने के लिए तैयार नहीं है।

जीडीए संयुक्त सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के मुताबिक ईडब्लूएस की कीमत में जमीन की लागत नहीं ली गई है, जबकि एलआईजी में यह कीमत जुड़ी है। निवेश के लिए फ्लैट्स खरीदने वाले ही सरेंडर कर रहे हैं।

तीन से चार लाख तक नुकसान
इन फ्लैट्स के एक आवंटी के मुताबिक अधिकतर लोगों ने जीडीए से किश्तों पर फ्लैट्स लिए हैं। ऐसे में ब्याज समेत इन मकानों की कीमत ही 14 से 15 लाख रुपये तक पहुंच रही है। पांच-छह साल बाद फायदा तो दूर घाटे में फ्लैट बेचना पड़ रहा है।


सस्ती योजनाओं से भी गिरा ग्राफ
मुख्य मार्गों का निर्माण न हो पाने के कारण अब तक यह योजना पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ पाई है। 15 से 16 लाख रुपये में शहर में एलआईजी फ्लैट्स के कई बेहतर विकल्प होने के कारण भी इन फ्लैट्स के खरीदार नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed