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डी कंपनी और आईएसआई का करीबी है रसूल खान, स्पेशल सेल ने पकड़े आईएसआई के तीन आतंकी

Sun, 20 Jan 2019 06:04 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 20 Jan 2019 06:04 AM IST
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Rasool Khan is close to D Company and ISI
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए आईएलआई के शार्प शूटर - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े तीनों आतंकी पाकिस्तान में बैठे रसूल खान उर्फ पट्टी के इशारे पर देश दहलाने आए थे। मूल रूप से गुजरात का रहने वाला रसूल अंडरवर्ल्ड सरगना है और डी (दाऊद) कंपनी व आईएसआई का बेहद करीबी है। वह वर्ष 2003 में गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता था। वारदात के बाद पाकिस्तान फरार हो गया था। उसके खिलाफ गुजरात और केरल में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

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स्पेशल के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पर आईबी से इनपुट्स मिले थे कि डी  कंपनी भारत में आम चुनाव से पहले बड़े नेताओं की हत्या की साजिश रच रही है। इन्हीं इनपुट के आधार पर जांच की जा रही थी और तीनों आतंकी पकड़े गए। जांच में पता चला है कि रसूल खान ने केरल निवासी मुहथासिम सीएम उर्फ थस्लिम की मदद से भारत में नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश की थी। पूछताछ में थस्लिम ने रसूल से संपर्क होने की जानकारी दी थी। थस्लिम के खिलाफ आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। मुंबई में रहने के बाद वह 1999 में दुबई चला गया था और वहां शराब का बड़ा कारोबार खड़ा किया।
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पाक में दिलाया हथियार चलाने का प्रशिक्षण
मूल रूप से अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ के रहने वाले वली मोहम्मद सैफी ने रसूल खान के इशारे पर पाकिस्तान में हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली। रसूल खान ने भारत में कुछ नेताओं और आरएसएस पदाधिकारियों की हत्या करने की साजिश रची थी। वली मोहम्मद से 2016 में मुलाकात के बाद थस्लिम ने कुछ लोगों का नेटवर्क खड़ा भी कर लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 2016 में वली और थस्लिम की मुलाकात के बाद अब्दुल्ला नामक एक अन्य बदमाश के जरिये ये शेख रियाजुद्दीन उर्फ राजा आलामी के संपर्क में आए। अब्दुल्ला हत्या के मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था, वहीं उसकी मुलाकात रियाजुद्दीन से हुई थी। इसके बाद वली मोहम्मद व थस्लिम ने रियाजुद्दीन को अपनी  साजिश के बारे में बताया। इस पर उसने साथ देने की सहमति दी। हथियारों का इंतजाम कर वारदात को अंजाम दिया जाना था, इससे पहले ही स्पेशल सेल ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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कौन हैं तीनों आतंकी
वली मोहम्मद का दुबई में पुरानी कारें खरीदने-बेचने का काम है। कुछ समय पहले उसका भारत में आना-जाना था। कई बार वह टूरिस्ट और मेडिकल वीजा पर आया था। गिरफ्तारी से पूर्व भी वह दिसंबर में भारत आया था। यहां उसकी मुलाकात रियाजुद्दीन से हुई। वह 2006 में रोजगार की तलाश में दिल्ली आकर मदनगीर इलाके में रहने लगा था। चोरी के कई मामलों में वह तिहाड़ जेल गया। वहां उसकी मुलाकात अफगान मूल के अब्दुल्ला से हुई। इसके बाद वह वली से मिला। दूसरी ओर, थस्लिम 13 साल की उम्र में केरल से मुंबई गया। 1999 में वह मुंबई से दुबई चला गया। वहां उसने शराब का कारोबार शुरू किया। उसके खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं।'

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