सांसद धनंजय को राहत, रेप पीड़िता ने बदला बयान
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जौनपुर से सांसद धनंजय सिंह पर दुष्कर्म मामले में भारी राहत मिली है। धनंजय पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला शुक्रवार को अपने आरोपों से पूरी तरह पलट गई। पुलिस को दिए बयान से पलटते हुए पीड़िता ने विशेष फास्ट ट्रैक अदालत में कहा कि धनंजय ने उससे कभी दुष्कर्म या यौन शोषण नहीं किया।
वह केवल उसके वैवाहिक जीवन में दखल देता था। इसलिए रिश्तेदारों के कहने पर उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। कड़कड़डूमा जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरिता बीरबल ने शुक्रवार को वल्नरेबल विटनेस रूम में पीड़िता का बयान दर्ज करवाया।
पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि धनंजय सिंह का उसके घर आना-जाना था। धनंजय सिंह ने कभी उसे धमका कर दुष्कर्म या अप्राकृतिक यौनाचार नहीं किया। धनंजय ने कभी न उसे चोट पहुंचाई और न कभी धमकी दी।
पहले कहा था, बयान बदलने के लिए हो रहा है दबाव
पीड़िता के बयान के दौरान आरोपी के अधिवक्ता हरीहरन, सरकारी वकील मुध अरोड़ा व पीड़िता के अधिवक्ता आरके चौधरी मौजूद थे। पीड़िता की गवाही के दौरान सरकारी वकील मधु अरोड़ा ने उससे जिरह की।
जिरह के दौरान पीड़िता अपने सभी आरोपों से मुकर गई। बता दें कि पीड़िता का बयान मंगलवार को दर्ज किया जाना था लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ने से बयान दर्ज नहीं हो सका।
पीड़िता ने अदालत में कहा था कि उस पर बयान न देने का दबाव डाला जा रहा है। उस पर खतरनाक हमला हो चुका है। उसके पति व अन्य परिजन बार-बार वकील बदलने का दवाब डाल रहे हैं।
पहले वकील बदला, अब बयान बदल दिया
यह पूरा मामला शुरू से ही बेहद नाटकीय मोड़ लेता रहा है। पीड़िता ने पहले दीपक शर्मा को अपना वकील नियुक्त किया था। अधिवक्ता दीपक शर्मा ने एक अप्रैल को पीड़िता की ओर से बहस की थी। पीड़िता ने अपना वकील बदलते हुए शुक्रवार को आरके चौधरी को अपना वकील नियुक्त कर लिया।
पीड़िता ने 26 मार्च को आवेदन दायर कर सुरक्षा देने की मांग की थी। उस का आरोप था कि उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं और उस पर बयान न देने का दवाब डाला जा रहा है। पीड़िता पर उसी रात कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के पति व अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
ज्ञात हो कि रेलवे कर्मचारी मयूर विहार निवासी महिला ने 13 नवंबर 2013 को पांडव नगर थाने में शिकायत देकर धनंजय सिंह पर दुष्कर्म व अप्राकृतिक यौनाचार का आरोप लगाया था। उसका आरोप था कि धनंजय ने जून 2009 से मार्च 2013 के बीच कई बार उसका यौन शोषण किया। ऐसा न करने पर धनंजय ने उसे रिवॉल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।