सेक्स में लड़की की सहमति इसलिए लड़का बरी
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दिल्ली की एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को एक फैसले में दुष्कर्म के आरोपी को बरी कर दिया, साथ ही दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला के खिलाफ भी तल्ख टिप्पणी भी की।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि वह दिमागी तौर पर पूरी तरह आरोपी के साथ अपने नाजायज रिश्ते की प्रकृति और परिणाम समझने योग्य थी।
तथ्यों से साफ है कि उसे शादी का झांसा देकर दुष्कर्म की कोई संभावना नहीं है, बल्कि आरोपी के साथ शारीरिक संबंधों में उसकी सहमति थी।
शादी का झांसा देकर रेप का आरोप था
पटेल नगर निवासी युवक पर शादी का झांसा देकर शादीशुदा महिला से दुष्कर्म का आरोप था। महिला की शिकायत पर बिंदापुर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया था।
द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने आरोपी को बरी करते हुए कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे लगे कि महिला ने संबंध बनाने के लिए शादी का वादा मिलने के बाद सहमति दी और शादी का वादा नहीं किए जाने पर वह अपनी सहमति नहीं देती।
पहले से शादीशुदा थी युवती
अदालत ने कहा कि जब पीड़िता और आरोपी के बीच रिश्ते बने उस समय वह अविवाहित था, लेकिन वह शादीशुदा थी और उसका अपने पति से तलाक भी नहीं हुआ था। इसलिए आरोपी से उसकी शादी कानूनन नहीं हो सकती थी।
पुलिस के मुताबिक पीड़िता ने 22 मई 2012 को थाने में शिकायत देकर युवक पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
उसका कहना था कि वह शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। उसकी कुछ दिन पहले ही पड़ोस में रहने वाले युवक से जान पहचान हुई है।