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'पैतरा क्या परखच्चे उड़ा देंगे तुम्हारे'
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 02 Oct 2014 07:16 PM IST
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आमने-सामने खड़ी श्रीराम की वानर और रावण की राक्षसी सेना के बीच चल रहे भयंकर युद्ध में रावण के दल से एक के बाद एक लोग मारे जाते हैं। मौका था बुधवार की रात विभिन्न रामलीलाओं में कुंभकरण वध और लक्ष्मण मूर्छा का। कुंभकरण की मौत से रावण सेना में खलबली मच गई तो वहीं युद्ध मैदान में लक्ष्मण को तीर लगते ही राम की सेना में मायूसी छाने का मंचन किया गया।
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...लाय सजीवन प्राण उबारे
एनएच-1 स्थित विजय रामलीला कमेटी की ओर से चल रही रामलीला में कुंभकरण वध और लक्ष्मण मूर्छा का मंचन किया गया। युद्ध मैदान में पहुंचे मेघनाद की तीर से लक्ष्मण मूर्छित होते हैं। लक्ष्मण मूर्छा के दौरान बैकग्राउंड में बज रहे गीत ‘उठ वीर लखन प्रिय भाई, दशा तुम्हारी देख राम की अखियां भर-भर आई... ने लोगों को भाव विभोर कर दिया। हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाकर पिलाने पर लक्ष्मण की मूर्छा टूटती है। उसके बाद राम सेना कुंभकरण का वध करती है। उसके मरते ही रावण सेना में खलबली मच जाती है। तो उधर, रावण माता सीता को व्यथित करने के लिए अशोक वाटिका में श्रीराम और लक्ष्मण का कटा सिर दिखाता है। दृश्यों के मंचन में सभी कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों की खूब तालियां बटोरी।
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मान है लंका के राजा जिन जवानों पर तुम्हें...
सेक्टर-15 स्थित श्रद्धा रामलीला कमेटी में बुधवार को रावण-अंगद संवाद का मंचन किया गया। विभीषण को वापस भेजने पर अंगद (अनिल छाबड़ा) शांति दूत बनकर रावण के दरबार में पहुंचते हैं। उन्होंने भी रावण को समझाने की तमाम कोशिशें की मगर सफल नहीं हुए तो उन्होंने लंकेश (श्रवण चावला) के दरबारियों का आह्वान किया ‘मान है लंका के राजा जिन जवानों पर तुम्हें, है घमंड लंकेश जिनकी शख्तरानों पर तुझे, उनसे कह दे कि बारी-बारी से निकल आएं सभी, मलयुद्ध में गिरा मुझको दिखाएं अभी... ने पंडाल को तालियों की गड़गड़ाहट से भर दिया। अंगद के इस चुनौती पर अहम से भरे मेघनाद के संवाद ‘पैतरा क्या परखच्चे उड़ा देंगे तुम्हारे, एक ठोकर से तुझे बेसुध बना देंगे अभी, जानकी को मांगने जो भी यहां आएगा, साफ कहता है इंद्रजीत वो जीवित न वापस जाएगा’ ने लोगों की वाहवाही बटोरी। अंगद के वापस लौटने पर युद्ध का ऐलान और सेतु बांधने का मंचन किया गया। श्रीराम की भूमिका रितेश कुमार एवं लक्ष्मण की भूमिका अनिल चावला ने निभाई।
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जब नागपाश में बंध गए राम
फरीदाबाद के एनएच-5 स्थित धार्मिक रामलीला में बुधवार को मेघनाद वध और श्रीराम के नागपाश में बंधने का मंचन किया गया। रामलीला के मंचन में मेघनाद को यज्ञ करता दिखाया गया। मेघनाद का यज्ञ संपन्न न हो इसके लिए वानर सेनाओं ने उसमे विघ्न डाला। इसके बाद मेघनाद और लक्ष्मण के बीच भयंकर युद्ध का मंचन किया गया। इस दौरान बिजली से चमकते तीरों ने लोगों को रोमांचित किया। मेघनाद मारा जाता है। जिसके बाद भगवान राम को नागपाश में बांधने का मंचन किया गया। जिसे देखने के लिए बच्चों में खासा उत्साह दिखा। समिति के निर्देशक हरीश चंद्र आजाद ने कहा कि रामलीलाओं के जरिए आने वाली पीढ़ी को संस्कृति का पाठ तो पढ़ाना ही है नई तकनीकियों का इस्तेमाल करके आकर्षक बनाया गया है।