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राम गोटी भाप इंजन एक बार फिर पटरी पर लौटा
Sun, 24 Nov 2019 05:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 24 Nov 2019 05:40 AM IST
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भाप इंजन की सवारी एक बार फिर पर्यटक कर सकेंगे
- फोटो : अमर उजाला
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छुक छुक ट्रेन की याद एक बार फिर ताजा होगी। जो लोग भाप इंजन से चलने वाली ट्रेन का सफर नहीं कर सके हैं, उन्हें रेलवे पुराने दिनों की याद दिलाएगा। लोगों को 1862 में निर्मित राम गोटी लोकोमोटिव से यात्रा करने का एक बार फिर मौका मिलेगा।
रेलवे ने इस इंजन को फिर से पटरियों पर दौड़ने के लिए तैयार कर लिया है। चाणक्यपुरी स्थिति राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में इस इंजन को प्रदर्शित किया गया।
भाप इंजन की सवारी एक बार फिर पर्यटक कर सकेंगे। शनिवार को 17 वें राष्ट्रीय स्टीम कांग्रेस आयोजन के मौके पर राम गोटी इंजन का कायाकल्प करने के बाद प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रेलवे बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने बताया कि राम गोटी इंजन तीन सबसे पुराने इंजन में से एक है। यह 1980 तक तो पटरियों पर दौड़ता रहा लेकिन इसके बाद इसे पटरी पर नहीं उतारा गया।
इसे दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे शेड के इंजीनियरों ने फिर से जीवन प्रदान करने में कामयाबी हासिल की है। कई लोकोमोटिव जो रेल ट्रैक पर चलने की स्थिति में नहीं है उन्हें रेलवे इंजीनियरों के प्रयासों से ठीक किया जा रहा है।
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इस मौके पर उत्तर रेलवे प्रबंधक टीपी सिंह, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अरुण अरोड़ा, रेलवे अधिकारी अजय सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने
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रेलवे ने इस इंजन को फिर से पटरियों पर दौड़ने के लिए तैयार कर लिया है। चाणक्यपुरी स्थिति राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में इस इंजन को प्रदर्शित किया गया।
भाप इंजन की सवारी एक बार फिर पर्यटक कर सकेंगे। शनिवार को 17 वें राष्ट्रीय स्टीम कांग्रेस आयोजन के मौके पर राम गोटी इंजन का कायाकल्प करने के बाद प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रेलवे बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने बताया कि राम गोटी इंजन तीन सबसे पुराने इंजन में से एक है। यह 1980 तक तो पटरियों पर दौड़ता रहा लेकिन इसके बाद इसे पटरी पर नहीं उतारा गया।
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इसे दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे शेड के इंजीनियरों ने फिर से जीवन प्रदान करने में कामयाबी हासिल की है। कई लोकोमोटिव जो रेल ट्रैक पर चलने की स्थिति में नहीं है उन्हें रेलवे इंजीनियरों के प्रयासों से ठीक किया जा रहा है।
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इस मौके पर उत्तर रेलवे प्रबंधक टीपी सिंह, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अरुण अरोड़ा, रेलवे अधिकारी अजय सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने