राज कपूर और शर्मिला टैगोर ने भीड़ तो जुटाई पर वोट नहीं
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1971 के आम चुनाव में गुड़गांव लोकसभा सीट से खेल जगत की हस्तियों सहित उद्योगपति और संपादक अपना भाग्य आजमा चुके हैं। खास बात यह कि इनके प्रचार के लिए उस समय के बॉलीवुड सितारों ने गुड़गांव और फरीदाबाद के गलियों में घूम-घूमकर वोट मांगे हैं।
इस चुनाव में गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र से भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान नवाब मंसूर अली खां पटौदी, फरीदाबाद स्थित ट्रैक्टर निर्माता कंपनी एस्कॉर्ट के प्रबंध निदेशक हरप्रसाद नंदा और एक समाचार पत्र के संपादक के नरेंद्र के साथ कुल 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे।
उस समय फरीदाबाद, गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा था। मंसूर अली खां को अहीरवाल के दिग्गज नेता एवं सूबे के दूसरे मुख्यमंत्री राव बिरेंद्र सिंह ने अपनी हरियाणा विशाल पार्टी का उम्मीदवार बनाया।
यहां नहीं चला किसी भी स्टार का जादू
इस सीट पर के नरेंद्र और हरप्रसाद नंदा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जनता के बीच पहुंचे। हरप्रसाद नंदा ने अपने प्रचार के लिए शो मैन राजकपूर को बुलाया। मंसूर अली खां के प्रचार की जिम्मेदारी उनकी पत्नी एवं उस समय की चर्चित अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने संभाली।
इन्होंने जोर-शोर से अपने प्रत्याशियों का प्रचार किया। इस दौरान इन्हें देखने लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता था। लेकिन चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार एवं मेवात के दिग्गज मुस्लिम नेता चौधरी तैय्यब हुसैन ने सभी को पटखनी दे दी।
हालांकि, के नरेद्र ने तैय्यब को कड़ी टक्कर देने का प्रयास किया, लेकिन 67942 मतों के अंतर से हार गए। तैय्यब हुसैन को कुल 199333 मत मिले। जबकि, नरेंद्र को 131391 मतों से संतोष करना पड़ा। 22979 मतों लेकर मंसूर अली खान तीसरे और 13609 मत लेकर हरप्रसाद नंदा चौथे स्थान पर रहे।