फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Rain water entered the hospital, the patients did not find the way

अस्पताल में घुसा बारिश का पानी, मरीजों को नहीं मिला रास्ता

Thu, 01 Sep 2016 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 01 Sep 2016 12:08 AM IST
विज्ञापन
Rain water entered the hospital, the patients did not find the way
अस्पताल में जलभराव - फोटो : अमर उजाला

मरीजों का इलाज करने वाले जिला अस्पताल को बुधवार खुद इलाज की जरूरत पड़ गई। सुबह तेज बारिश के बाद जिला अस्पताल के मुख्य व इमरजेंसी गेट के बाहर घुटनों तक पानी जमा हो गया। 

विज्ञापन


लोगों को निकलने के लिए बेरिकेट का सहारा लेना पड़ा। हालांकि प्रतिदिन की 2500 की ओपीडी वाले जिला अस्पताल में बारिश के के चलते कम मरीज इलाज के लिए पहुंचे। 
विज्ञापन


लेकिन जो पहुंचे उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के चलते केबिन से डॉक्टर नदारद दिखे। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भी महज दो खिड़कियां ही खुली रहीं। जिसमें पर्ची बनवाने के लिए लोग कतार में खड़े दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुबह 12.30 बजे (अस्पताल के अंदर का हाल)
अस्पताल में रोज चार से पांच काउंटरों पर पर्ची बनती थी। बारिश के चलते महज दो काउंटर ही खुले दिखे। काउंटरों पर मरीजों की लाइन लगी रही। हालांकि जहां प्रतिदिन की ओपीडी साढ़े ग्यारह बजे तक करीब 2000 तक पहुंच जाती थी। वहां मरीजों की संख्या 300 का आंकड़ा भी नहीं पहुंच सकी थी। 

अव्यवस्थाओं के चलते अस्पताल के कॉरिडोर में कीचड़ से बुरा हाल रहा। कमरा नंबर 108, 107 पर मरीजों की लाइन लगी रही। अंदर महज दो डॉक्टर ही मरीजों को देख रहे थे।

अस्पताल के बाहर जलभराव
बुधवार को बारिश सुबह से हो रही थी। महज तीन घंटे की बारिश में अस्पताल प्रबंधन व व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम फेल दिखा।
पौने बारह बजे छलेरा गांव से अपने बेटे को दिखाने आया प्रकाश किसी तरह अस्पताल के गेट तक पहुंचा।

लेकिन यहां उसे काफी दिक्कत हुई। बेरिकेट के ऊपर से चढ़ता हुआ वह अस्पताल के अंदर घुस सका। यही हाल अन्य मरीजों का भी रहा। मरीज बामुश्किल अंदर जाते दिखे। कई लोगों के पैर भी फिसल गए कुछ भीग भी गए।


बारह बजे कारिडोर हो गया खाली
अस्पताल में जांच साढ़े ग्यारह बजे तक ही होती है। ऐसे में डॉक्टर व पैथोलॉजी विभाग के लोग आराम के मूड में दिखे। नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले एक माह से काम करते-करते हाथ पांव फूल चुके थे। 

आज बारिश की वजह से काफी कम काम हुआ। बारह बजे कारिडोर में दो दर्जन से ज्यादा लोग नहीं थे। डॉक्टरों के केबिन के बाहर भी मरीजों की लाइन नहीं दिखी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed