फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   rain destroyed crops more than of 300 crores rupees

बारिश ने बर्बाद की 300 करोड़ से अधिक की फसलें

Tue, 15 Mar 2016 12:51 PM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Tue, 15 Mar 2016 12:51 PM IST
विज्ञापन
rain destroyed crops more than of 300 crores rupees
बरसात ने बर्बाद की करोड़ों की फसल - फोटो : अमर उजाला

बेमौसम बारिश किसानों के लिए आफत बनकर बरसी है। दक्षिण हरियाणा में लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में लगी 300 करोड़ से अधिक की फसलों को बर्बाद कर दिया है।

विज्ञापन


मार्च में लगातार हो रही बारिश से 50318 हेक्टेयर में लगी फसल में से करीब आधी बर्बाद हो गई है। इनमें गुड़गांव, फरीदाबाद, मेवात और रेवाड़ी भी शामिल है। फसलों के बीमा नहीं कराने वाले किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। पिछले साल भी इस तरह की ओलावृष्टि व बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी थी।
विज्ञापन


दरअसल, मार्च में खेतों में लगी सरसों, गेहूं, बाजरा की फसल खेतों में पक चुकी थी। गेहूं की फसल तेज हवा के साथ हुई बारिश के बाद जमीन में लेट गई। खेतों में तैयार हो चुकी सरसों का भी यही हाल है।

विज्ञापन
विज्ञापन

लगातार दूसरे साल बारिश व ओलावृष्टि से टूटी किसानों की कमर

rain destroyed crops more than of 300 crores rupees
बरसात ने बर्बाद की करोड़ों की फसल - फोटो : अमर उजाला

सोमवार को गुड़गांव समेत दक्षिण हरियाणा के अन्य जिलों में बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की बर्बादी को और बढ़ा दिया है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के प्लांट पैथोलॉजी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. एमपी श्रीवास्तव ने कहा कि  फसल लेटने के बाद उसकी गुणवत्ता कम हो जाती है। गेहूं के दानों का विकास नहीं हो पाता है, जिससे प्रति एकड़ उत्पादन में कमी आएगी।

ओलावृष्टि का सबसे अधिक असर सोहना, मेवात और रेवाड़ी के गांवों में हुआ है। गुड़गांव, रेवाड़ी, मेवात तथा महेंद्रगढ़ जिलों के लगभग 114 गांव प्रभावित हुए हैं।

गुड़गांव जिले के 17 गांवों में 11500 एकड़ फसल जमीन पर लेट गई है, जबकि रेवाड़ी जिले के 67 गांवों की 23250 एकड़, मेवात जिले के 19 गांवों की 6800 एकड़ तथा महेंद्रगढ़ जिले के 11 गांवों की 9206 एकड़ भूमि पर खड़ी फसल बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है।

गेहूं और सरसों की पैदावार पर पड़ेगा असर

rain destroyed crops more than of 300 crores rupees
बरसात - फोटो : अमर उजाला
दक्षिण हरियाणा में सबसे ज्यादा गेहूं और सरसों की पैदावार होती है। मार्च की शुरुआत में पहली बारिश और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान हुआ और दूसरी बारिश और ओलावृष्टि ने फसल का नुकसान और बढ़ा दिया है। किसान क्लब के अध्यक्ष मान सिंह कहते हैं कि बारिश से फसल लेटने के बाद प्रति एकड़ पैदावार में 40 फीसदी तक गिरावट आती है। जो बच जाती हैं, उनमें नमी आ जाती है। इसे आढ़ती कम दाम में खरीदते हैं।

कम पैदावार और कम कीमत से किसानों की आमदनी भी कम होगी। यह भी किसानों का आर्थिक नुकसान है। प्रति एकड़ करीब 20-30 क्विंटल पैदावार होती है। हरियाणा सरकार गेहूं 1500 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों को 3000 रुपये प्रति क्विंटल खरीदती है। इस आधार पर फसलों को नुकसान करीब 300 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

फसलों की बीमा नहीं होने से नुकसान
मौसम पर टिकी खेतों की अर्थव्यवस्था होने की बावजूद किसान फसलों की बीमा से परहेज करते हैं। कृषि विभाग के मुताबिक किसानों को फसलों के बीमा के लिए जागरूक किया जा रहा है, इसके बावजूद कुछ किसान ही बीमा कराते हैं। जिसकी वजह से यह नुकसान अधिक हो जाता है।

कृषि विभाग के एसडीओ को फील्ड सर्वे के लिए कहा जा चुका है। अभी नुकसान का अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। गुड़गांव मेें कम बारिश और ओलावृष्टि हुई है, जबकि हरियाणा के दूसरे जिलों मेें अधिक नुकसान हुआ है। गुड़गांव में सरसों की फसल कट चुकी है, खेतों में केवल गेहूं है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed