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रेलवे की सिरदर्दी : सुविधा का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं यात्री, दिल्ली मंडल में हर दिन 18 चेन पुलिंग

Fri, 17 Nov 2023 05:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा धनंजय मिश्रा, नई दिल्ली
धनंजय मिश्रा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 17 Nov 2023 05:41 AM IST
सार

दिल्ली मंडल में हर दिन औसतन 18 मामले चेन पुलिंग के आते हैं। इसमें से एक की भी वजह वैध नहीं है। एक बार की चेन पुलिंग से ट्रेन संचालन में औसतन दस मिनट की देरी होती है। इससे रेलवे का पूरा शेड्यूल बेपटरी हो रहा है। 

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Railway's headache: Passengers are unnecessarily using the facility, 18 chain pulling every day in Delhi divis
demo pic... - फोटो : iStock

विस्तार

आपात स्थिति में रेल मुसाफिरों की सहूलियत के लिए दी गई चेन पुलिंग की सुविधा यात्रियों के साथ रेलवे के लिए भी सिरदर्द बन गई है। दिल्ली मंडल में हर दिन औसतन 18 मामले चेन पुलिंग के आते हैं। इसमें से एक की भी वजह वैध नहीं है। एक बार की चेन पुलिंग से ट्रेन संचालन में औसतन दस मिनट की देरी होती है। इससे रेलवे का पूरा शेड्यूल बेपटरी हो रहा है। 

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आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि बीते साल की तुलना में इस साल इसमें 32 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सुबह और शाम के पीक आवर्स इसके मामले ज्यादा दिखते हैं। इससे उस रूट पर चलने वाली दूसरी कई रेलगाड़ियोें का संचालन बेपटरी हो जाता है। दिल्ली मंडल के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल 30 सितंबर तक चेन पुलिंग के 4,567 मामले सामने आए हैं। जबकि पिछले की इसी अवधि के दौरान 3107 मामले सामने आए थे। इजाफा करीब 32 फीसदी का है। 
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इसमें एक भी वाकया ऐसा नहीं मिला, जिसमें किसी वैध वजह से ट्रेन रोकी गई है। ज्यादा मामले सुबह और शाम की पीक आवर्स में होते हैं। ट्रैक पर ट्रेन की संख्या ज्यादा होने से हर मिनट कीमती होता है। खासतौर से लंबी दूरी से आने वाली ट्रेनों के लिए, जिनका शेड्यूल ही कई बार बेपटरी हो जाता है।
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यहां होते सबसे ज्यादा मामले
दिल्ली-रोहतक दिल्ली-फरीदाबाद-पलवल, दिल्ली-गाजियाबाद रूट पर ज्यादा मामले आते हैं। अधिकारी बताते हैं कि छात्र व नौकरीपेशा और सुबह के समय एनसीआर से दिल्ली में दूध-सब्जी समेत दूसरे उत्पाद लाने वाले इसमें शामिल होते हैं। इनका मकसद अपनी मंजिल के नजदीक ट्रेन रोकने का होता है।


ट्रेनों में चेन खींचने के मामले में रेलवे एक्ट की धारा 141 में कार्रवाई की जाती है। इसमें 500 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक का जुर्माना है। यह जुर्माना रेलवे कोर्ट में देना होता है। चेन पुलिंग रोकने के लिए आरपीएफ ने सादे कपड़ों में जवानों को रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में तैनात किया है।
- प्रियंका शर्मा, वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), दिल्ली मंडल

अधिकतर मामलों में वजह

  • घर, कार्यालय नजदीक होना, ट्रेन न रुकने के कारण या गलत में चढ़ जाना
  • ट्रेन में कोच बदलने के लिए, सामान अधिक होने से कारण यात्री नहीं उतर पाते, तब 

चेन पुलिंग

  • बिना टिकट होने पर टीटीई को देखकर
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