बरखा सिंह बोलीं- राहुल महिलाओं की नहीं करते रेस्पेक्ट, पार्टी अध्यक्ष बने तो डिजास्टर
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दिल्ली एमसीडी चुनाव प्रचार खत्म होने से एक दिन पहले दिल्ली कांग्रेस में बगावत का एक बम बृहस्पतिवार को भी गिरा। दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। बरखा ने राहुल गांधी पर महिलाओं का सम्मान नहीं करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर राहुल पार्टी अध्यक्ष बनेंगे, तो ये डिजास्टर (आपदा) होगा।
बरखा शुक्ला सिंह ने अपना इस्तीफा कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है। इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष पद के लायक नहीं हैं। अगर उन्हें काम नहीं आता, तो पार्टी छोड़ दें। अगर अध्यक्ष बनाए गए, तो ये डिजास्टर होगा। प्रियंका गांधी को पार्टी संभालनी चाहिए।'
बरखा सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मेरे साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने 13 सीटों के एमसीडी उपचुनाव के बाद बदतमीजी की थी, जिसकी शिकायत आलाकमान ने एक साल पहले की गई थी। अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने भी अजय माकन के खिलाफ शिकायत की है। जो राहुल गांधी के पास शिकायत लेकर जाता है, उसे टॉर्चर किया जाता है।
कांग्रेस में लीडरशिप कमजोर
बरखा ने कहा है कि कांग्रेस में लीडरशिप कमजोर है। किसी नेता में राहुल गांधी के खिलाफ बोलने की हिम्मत नही है, लेकिन पिछले एक साल में मैंने महसूस किया है कि राहुल गांधी को पार्टी कार्यकर्ताओं का सम्मान दिखाई नहीं देता।
उन्होंने कहा कि महिला विंग को एमसीडी चुनाव में टिकट नहीं दिए गए, मैं 28 मार्च को राहुल गांधी के घर के बाहर महिला कार्यकर्ताओं सहित मिलने और विरोध दर्ज कराने पहुंची थी, लेकिन एक चपरासी तक मिलने के लिए नहीं भेजा। राहुल गांधी की एक फोटो दिखाकर बरखा ने कहा, उसी रात पहले नवरात्र पर एक होटल में राहुल गांधी पार्टी कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में महिलाओं का इस्तेमाल सिर्फ वोट बैंक के लिए होता है। विनय कटियार के खिलाफ प्रदर्शन हम करते हैं, बावजूद सम्मान नहीं मिला। महिला सुरक्षा की बात राहुल गांधी और अजय माकन भी करते हैं, लेकिन कथनी और करनी में फर्क है।
सिर्फ गांधी परिवार से नहीं मेरा राजनीतिक करियर
प्रदेश महिला कांग्रेस बरखा सिंह ने पद से इस्तीफा देने के साथ कहा है कि पार्टी नहीं छोड़ेंगी। वह बीजेपी में नहीं जा रहीं। उन्होंने कहा, 'ये पार्टी किसी एक आदमी या परिवार की पार्टी नहीं है, उनके नाम पर पंजीकरण नहीं है। अगर कांग्रेस पार्टी मुझपर कार्रवाई करती है तो कोर्ट जाऊंगी। सिर्फ गांधी परिवार की वजह से मेरा राजनितिक करियर नहीं है, मैं फ्रीडम फाइटर के परिवार से हूं।'
बता दें कि बरखा सिंह दक्षिणी दिल्ली के आरके पुरम विधानसभा से 2003-08 और 2008-13 में विधायक रही हैं। 2013 के चुनाव में हार के बाद 2015 में चुनाव नहीं लड़ी। इसके अलावा दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष रही हैं।
यही वजह है कि दिल्ली में अजय माकन को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के बाद उस समय महिला कांग्रेस अध्यक्ष रही ओनिका मेहरोत्रा को हटाकर बरखा सिंह को अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन अजय माकन के साथ तालमेल नहीं बैठ रहा था।