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मनमाने तरीके से विद्युत लोड बढ़ाने पर भड़के उपभोक्ता
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 16 Apr 2015 12:57 AM IST
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मनमाने ढंग से विद्युत लोड बढ़ाने व बिजली बिल वसूलने पर किसानों ने पावर कारपोरेशन रेग्युलेटरी बोर्ड की कोर्ट में हंगामा किया। किसान कारपोरेशन अफसरों पर वसूली का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए।
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उनकी नाराजगी बिना सूचना दिए किसानों का विद्युत लोड बढ़ाने पर थी। कारपोरेशन ने पांच लाख से ज्यादा किसानों के नलकूपों का विद्युत लोड पांच से 10 और साढ़े सात से 12 हार्सपावर कर दिया है। किसानों ने अफसरों का घेराव कर नारेबाजी की। किसानों के तेवर देख अतिरिक्त पुलिस-फोर्स बुलाया गया।
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बुधवार को एबीईएस कॉलेज में कारपोरेशन की रेग्युलेटरी बोर्ड की कोर्ट अध्यक्ष देश दीपक वर्मा की अध्यक्षता में शुरू हुई। कोर्ट में यूपी के 50 से ज्यादा जनपदों से आए उपभोक्ता और पावर कारपोरेशन के मध्यांचल, पूर्वांचल, पश्चिमांचल, दक्षिणांचल, केस्को, एनपीसीएल और पावर कारपोरेशन ट्रांसमिशन के अधिकारी मौजूद थे, जहां अव्यवस्था हावी रही।
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उपभोक्ताओं ने रेग्युलेटरी बोर्ड से कहा कि सभी चार्ज लगाकर कारपोरेशन को 4.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। फिर कारपोरेशन 7. 80 रुपये प्रति यूनिट बिजली क्यों बेच रहा है।
लाइनलॉस रोकने का काम अफसरों का है, ऐसे में उपभोक्ता क्यों इसका भुगतान करें। दरों में कमी करने का आग्रह किया। उपभोक्ताओं ने अफसरों का घेराव करने की घोषणा कर दी, जिससे हड़कंप मच गया।
उद्यमी बोले-ऐसे तो बर्बाद हो जाएगा उद्योग
विद्युत उपभोक्ताओं को अब दूसरों की बिजली चोरी का भुगतान नहीं करना होगा। रेग्यूलेटरी बोर्ड के अध्यक्ष देश दीपक वर्मा ने कंज्यूमर की सुनवाई में लाइनलास के रूप में वसूले जा रहे सरचार्ज को समाप्त करने पर सहमति जताई।
बोर्ड अध्यक्ष ने कारपोरेशन अफसरों को फटकार लगाई और उनसे लिखित जवाब मांगा है। फैक्ट्रियों-उद्योगों को भी सरचार्ज से ज्यादा बिल का भुगतान करना पड़ रहा है।
पावर कारपोरेशन 2008 से हुई बिजली चोरी का खर्च रेग्यूलेटरी सरचार्ज से निकाल रहा है। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मांग उठाई कि चोरी कारपोरेशन नहीं रोक पा रहे हैं। इसकी भरपाई हम क्यों करें?
इस कारण 5000 औद्योगिक इकाइयां दूसरे राज्यों में चली गई हैं। रेग्यूलेटरी बोर्ड के अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं की मांग को वाजिब ठहराते हुए सरचार्ज को वापस लेने के आदेश दिए हैं।
वहीं सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, बनारस, हरदोई, नोएडा व मुरादाबाद से आए उपभोक्ताओं ने बिजली दरों में कमी करने की मांग करते हुए विभिन्न राज्यों के पावर टैरिफ का उल्लेख किया। कारपोरेशन अफसरों ने रेग्यूलेटरी चार्ज को कम करने का भरोसा दिलाया है।