रेडियो टैक्सी फेल, मिलेंगी सिर्फ एनसीआर टैक्सियां
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एनसीआर के जनपदों में परिवहन विभाग का रेडियो टैक्सी चलाने का प्लान नाकाम हो गया है। दो साल बाद भी लोगों ने रेडियो टैक्सी का एक भी परमिट नहीं लिया।
अब एनसीआर परमिट की टैक्सियों के परमिट जारी किए जा रहे हैं। पहले दिन ही 170 टैक्सियों के परमिट जारी कर दिए गए। इन टैक्सियों से लोग दिल्ली के अलावा यूपी, हरियाणा और राजस्थान के एनसीआर वाले जनपदों में सफर कर सकेंगे।
परिवहन विभाग ने दो साल पहले गाजियाबाद सहित प्रमुख शहरों में रेडियो टैक्सी चलाने की योजना तैयार की थी। ये टैक्सियां केवल यूपी में दौड़ सकती थीं। इनको दिल्ली में जाने की इजाजत नहीं थी।
पहले ही दिन जारी हुए 170 एनसीआर टैक्सियों के परमिट
गाजियाबाद के ज्यादातर लोगों का आनाजाना दिल्ली में रहता है। ऐसे में रेडियो टैक्सी में लोगों ने रुचि नहीं ली। दो साल में एक भी परमिट जारी नहीं हो सका। अब परिवहन विभाग ने एनसीआर टैक्सी चलाने की योजना तैयार की है।
ये टैक्सियां दिल्ली के साथ ही यूपी, हरियाणा व राजस्थान के एनसीआर वाले जनपदों में दौड़ सकेंगी। लोगों ने एनसीआर टैक्सियों को हाथों-हाथ लिया और पहले ही दिन 170 टैक्सियों के परमिट जारी हो गए।
आरटीओ मयंक ज्योति ने बताया कि एनसीआर टैक्सियां लोगों के लिए फायदेमंद हैं। इनकेचलने ये दिल्ली-गाजियाबाद में निजी कारों का दबाव कम होगा। इससे न तो बसों में परेशान होना पड़ेगा और न ही अपनी कार लेकर जाने का झंझट। इन टैक्सियों का संचालन परमिट लेने के साथ ही शुरू हो गया है।
सड़कों पर बढ़ेंगे 10 हजार ऑटो
राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में दस हजार ऑटो और जुड़ेंगे। कोर्ट में इस दस हजार परमिट को लेकर दायर केस खत्म हो गया है। परिवहन मंत्री के पास इसका प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है, वहां से मंजूरी मिलते ही पुराने आवेदनों पर ही परमिट बांटने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही राजधानी में ऑटो की संख्या बढ़कर एक लाख हो जाएगी। जिसका फायदा यात्रियों को मिलेगा।