Nursery Admissions: आ गई EWS श्रेणी में दाखिले की डेट, कर लें ये तैयारी; कहीं रेस में पीछे न रह जाए आपका बच्चा
दाखिले के लिए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया 30 अप्रैल से शुरू होगी। ऑनलाइन आवेदन 15 मई तक किया जा सकेगा।
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दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी, केजी व पहली कक्षा में आर्थिक पिछड़ा वर्ग (ईडब्लयूएस), वंचित वर्ग (डीजी) व दिव्यांग श्रेणी के दाखिला का इंतजार समाप्त हो गया है। शिक्षा निदेशालय ने दो माह के लंबे इंतजार क बाद निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए ईडब्लयूएस, वंचित वर्ग व दिव्यांग श्रेणी की 25 फीसदी सीटों के लिए दाखिला प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। दाखिले के लिए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया 30 अप्रैल से शुरू होगी। ऑनलाइन आवेदन 15 मई तक किया जा सकेगा। अभिभावकों को शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट www.edudel.nic.in पर ईडब्लयूएस/डीजी लिंक के माध्यम से आवेदन करना होगा। मालूम हो कि निजी स्कूलों में ईडब्लयूएस और वंचित वर्ग की करीब 40 हजार सीटें हैं।
केंद्रीयकृत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद दाखिले के लिए पहला कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ 20 मई को निकाला जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए अभिभावकों का आधार नंबर अनिवार्य है। आवेदन करने के लिए बच्चे का आधार नंबर अनिवार्य नहीं है। इस साल बच्चे के आधार कार्ड की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। जबकि बीते साल बच्चे का आधार नंबर अनिवार्य था। निदेशालय ने दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया है कि एक आवेदक से एक ही आवेदन को स्वीकार किया जाएगा। यदि किसी आवेदक की ओर से एक से अधिक आवेदन किए जाते हैं तो लॉटरी के बाद भी उसकी उम्मीदवारी रद की जा सकती है। आवेदन प्रक्रिया के तहत एक लाख वार्षिक आय से कम वाले ईडब्लयूएस के बच्चे, डीजी श्रेणी के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग (नॉन क्रीमी लेयर) अनाथ, ट्रांसजेंडर व एचआईवी प्रभावित बच्चों की 22 फीसदी सीटों पर दाखिला ले सकते हैं। वहीं अन्य तीन फीसदी सीटें दिव्यांग श्रेणी के बच्चों के लिए हैं।
दिल्ली निवासी होने का प्रमाण पत्र
आवेदन का योग्य होन के लिए दिल्ली का निवासी होना जरूरी है। इसके लिए निवास प्रमाणपत्र देना होगा। इसके साथ ही बीपीएल कार्ड धारक भी आवेदन के योग्य होंगे। दिव्यांग श्रेणी के लिए दिव्यांग प्रमाणपत्र जरूरी है। एससी, एसटी, ओबीसी, अनाथ व ट्रांसजेंडर को वंचित समूह में शामिल किया गया है। ओबीसी श्रेणी के लिए नॉन क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र अनिवार्य है। वहीं अपनी पंसद के स्कूल में दाखिले के लिए अभिभावक अपना गलत पता नहीं भर सकेंगे। इस बार निदेशालय ने आवेदन फॉर्म में पते वाले भाग में कुछ बदलाव किए हैं। फॉर्म में घर के पते को लेकर बारीक से बारीक जानकारी मांगी गई है। जिसमें उन्हें गांव, कॉलोनी, अपार्टमेंट, सेक्टर, पॉकेट, गली नंबर, व ब्लॉक सब तरह की जानकारी देनी होगी।
डोनेशन-केपिटेशन फीस की मांग नहीं कर सकते स्कूल
ईडब्लयूएस व वंचित वर्ग के बच्चों के दाखिले के नाम पर स्कूल अभिभावकों से केपिटेशन या डोनेशन नहीं वसूल सकते हैं। निदेशालय ने अपने दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल दाखिले के समय कैपिटेशन फीस व डोनेशन मांगे तो स्कूल पर कैपिटेशन फीस का दस गुना जुर्माना लगाया जाएगा।
नर्सरी के लिए अधिकतम आयु सीमा पांच वर्ष
शिक्षा निदेशालय ने दिशा-निर्देशों में दाखिले के लिए आयु सीमा को भी निर्धारित कर दिया है। ईडब्लयूएस व वंचित वर्ग के लिए नर्सरी में तीन से पांच वर्ष, प्री प्राइमरी यानि केजी के लिए चार से छह वर्ष और पहली कक्षा के लिए पांच से सात वर्ष आयु सीमा तय की गई है। जबकि दिव्यांग श्रेणी के लिए नर्सरी में दाखिले की आयु सीमा तीन से सात वर्ष, केजी की चार से आठ वर्ष व पहली कक्षा में दाखिले के लिए आयु सीमा पांच से नौ वर्ष है।