फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Purvanchalis celebrated Chhath festival by offering the first Arghya to the setting sun in Delhi

Delhi: पूर्वांचलियों ने डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य देकर मनाया छठ पर्व, घाटों पर रहा मेले जैसा माहौल

Sun, 19 Nov 2023 07:46 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 19 Nov 2023 07:46 PM IST
सार

पुलिस ने सभी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए थे, लेकिन यमुना किनारे बने अस्थायी घाटों पर काफी कड़ी सुरक्षा थी। इन स्थानों पर पुलिस ने मेटल डिक्टेक्टर लगा रखे थे। पुरुषों को ही नहीं, बल्कि महिलाओं व बच्चों को भी जांच पड़ताल के बाद घाटों पर में प्रवेश दिया।

विज्ञापन
Purvanchalis celebrated Chhath festival by offering the first Arghya to the setting sun in Delhi
पूर्वांचलियों ने डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य देकर मनाया छठ पर्व - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

‘कांच के बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए...’ जैसे पारंपरिक गीतों के साथ छठ व्रतधारियों ने विभिन्न घाटों पर रविवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान तमाम घाटों पर मेले जैसा माहौल रहा। अधिकतर श्रद्धालुओं ने अर्घ्य देने के बाद परिजनों के साथ घाटों पर ही रात बिताई। घाटों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। एक हजार से अधिक स्थानों पर बने घाटों पर पर लोगों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया।

विज्ञापन


दिल्ली सरकार ने यमुना किनारे विभिन्न स्थानों पर अस्थायी घाट बनाए हैं। सोनिया विहार, पुराना यमुना पुल, कुदसिया घाट, गीता कॉलोनी, बस अड्डा, चंदगी राम अखाड़ा, वजीराबाद घाट, आईटीओ, गीता कॉलोनी, मयूर विहार और कांलिदी कुंज श्रद्धालु पूजा करने पहुंचे। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने भलस्वा झील, जहांगीरपुरी, नरेला, उत्तम नगर, डाबड़ी, ककरौला, बदरपुर, सरिता विहार, आश्रम, जैतपुर, संगम विहार, देवली, महरौली, पालम, महावीर एंकलेव, इंद्रप्रस्थ एक्सटेंशन, नांगलोई, सुलतानपुरी, मंगोलपुरी, श्याम विहार, ककरौला और द्वारका सहित अन्य स्थानों पर बने घाटों पर श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य आए।

विज्ञापन


गाजे-बाजे के साथ घाटों पर पहुंचे

यमुना के किनारे स्थित घाटों के अलावा अन्य घाटों पर श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ छठ पहुंचे। घाटों पर दोपहर एक बजे से ही श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए। शाम पांच बजे तक उनके आने का सिलसिला जारी रहा। अर्घ्य देने के बाद भोजपुरी गीतों पर लोगों ने जमकर नृत्य किया। वहीं, देर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन


बैरिकेडिंग करने के साथ घाटों पर कड़ी सुरक्षा

पुलिस ने सभी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए थे, लेकिन यमुना किनारे बने अस्थायी घाटों पर काफी कड़ी सुरक्षा थी। इन स्थानों पर पुलिस ने मेटल डिक्टेक्टर लगा रखे थे। पुरुषों को ही नहीं, बल्कि महिलाओं व बच्चों को भी जांच पड़ताल के बाद घाटों पर में प्रवेश दिया। श्रद्धालुओं को पटाखे नहीं ले जाने दिए। इस दौरान पुलिस ने श्रद्धालुओं के पास से पटाखे जब्त किए। वहीं, हाईकोर्ट के निर्देश के मद्देनजर पुलिस व प्रशासन ने अस्थायी घाटों पर यमुना नदी की ओर बैरिकेडिंग कर रखी थी। इस तरह यमुना नदी में जाने का रास्ता पूरी तरह बंद था। हाई कोर्ट ने यमुना में पूजा-अर्चना करने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed