{"_id":"5f6aea548ebc3ede05201e4b","slug":"punjab-haryana-should-take-immediate-steps-to-stop-burning-stubble","type":"story","status":"publish","title_hn":"पराली जलाने से रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं पंजाब-हरियाणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पराली जलाने से रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं पंजाब-हरियाणा
Wed, 23 Sep 2020 11:55 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Wed, 23 Sep 2020 11:55 AM IST
सार
- दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्राधिकरण ने लिखा पत्र
विज्ञापन
पराली जलाते किसान
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्राधिकरण ने पंजाब और हरियाणा को पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है। इन दोनों राज्यों में जलने वाली पराली सर्दी के मौसम में दिल्ली में वायु प्रदूषण का बड़ा कारण बनती है।
विज्ञापन
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक दिल्ली के वायु प्रदूषण का बड़ा कारण पराली जलाना है। बीते साल इस धुएं के कारण नवंबर में पीएम स्तर 44 फीसदी पहुंच गया था। पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण के अध्यक्ष भूरेलाल ने कहा, हमारी जानकारी में आया है कि पंजाब में फसलों का अवशेष जलाने की शुरुआत हो गई है।
विज्ञापन
‘सफर’ के मुताबिक 21 सितंबर को 42 जगह आग लगाई गई। वहीं, 20 सितंबर को यह संख्या 20 और 15 सितंबर को शूून्य थी। नासा के सैटेलाइट से मिले चित्रों से पता है कि पंजाब और हरियाणा में किसानों ने फसलों का अवशेष जलाना शुरू कर दिया है। हालांकि हवा की दिशा अलग होने से आगामी तीन दिनों में इस धुएं का दिल्ली की हवा पर नहीं दिखेगा। मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 115 रहा, जो मध्यम श्रेणी में है।
विज्ञापन