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Delhi NCR News: जेएनयू बराक हॉस्टल के छात्रों का प्रदर्शन
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- हॉस्टल में मेस और वाईफाई सुविधा की मांग, हॉस्टल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के बराक हॉस्टल के छात्रों ने मेस, वाईफाई सहित कई दूसरी बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन बराक हॉस्टल समिति के बैनर तले हुए। इसमें आइसा, डीएसएफ और एसएफआई छात्र संगठनों ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हॉस्टल के निर्माण में खराब गुणवत्ता वाली सामग्री के इस्तेमाल होने का भी आरोप लगाया।
बराक हॉस्टल समिति के अनुसार हॉस्टल शुरू हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई बुनियादी सुविधाएं अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। सबसे बड़ी समस्या हॉस्टल मेस के संचालन का न होना है। इस कारण दूसरे हॉस्टल की मेस में जाकर खाना पड़ता है। हॉस्टल समिति के अध्यक्ष हृषिकेश ने आरोप लगाया कि हॉस्टल निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है। कई कमरों की दीवारों में सीलन और पानी रिसाव की समस्या है। जिसके कारण काई जम रही है। इस हॉस्टल को पिछले वर्ष अप्रैल महीने में शुरू किया गया था। जिसकी क्षमता करीब 450 छात्रों की है। मगर, एक साल में हॉस्टल की हालात चिंताजनक है। प्रशासन से इसके निर्माण कार्य की जांच और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के बराक हॉस्टल के छात्रों ने मेस, वाईफाई सहित कई दूसरी बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन बराक हॉस्टल समिति के बैनर तले हुए। इसमें आइसा, डीएसएफ और एसएफआई छात्र संगठनों ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हॉस्टल के निर्माण में खराब गुणवत्ता वाली सामग्री के इस्तेमाल होने का भी आरोप लगाया।
बराक हॉस्टल समिति के अनुसार हॉस्टल शुरू हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई बुनियादी सुविधाएं अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। सबसे बड़ी समस्या हॉस्टल मेस के संचालन का न होना है। इस कारण दूसरे हॉस्टल की मेस में जाकर खाना पड़ता है। हॉस्टल समिति के अध्यक्ष हृषिकेश ने आरोप लगाया कि हॉस्टल निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है। कई कमरों की दीवारों में सीलन और पानी रिसाव की समस्या है। जिसके कारण काई जम रही है। इस हॉस्टल को पिछले वर्ष अप्रैल महीने में शुरू किया गया था। जिसकी क्षमता करीब 450 छात्रों की है। मगर, एक साल में हॉस्टल की हालात चिंताजनक है। प्रशासन से इसके निर्माण कार्य की जांच और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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