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Delhi NCR News: जीटी रोड पर अप्सरा बाॅर्डर से झिलमिल तक फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव
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-अप्सरा बाॅर्डर से झिलमिल तक दो ट्रैफिक सिग्नल बढ़ाते हैं जाम, एक किमी का फ्लाईओवर बनेगा समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुनापार में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को देखते हुए अप्सरा बॉर्डर फ्लाईओवर से झिलमिल स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी औद्योगिक क्षेत्र तक एक नए फ्लाईओवर (एलिवेटेड रोड) के निर्माण का प्रस्ताव सामने आया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर लोक निर्माण विभाग और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के बीच बातचीत चल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही पीडब्ल्यूडी की ओर से इस प्रस्ताव पर फिजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
यह प्रस्ताव संजय गोयल, शाहदरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक, द्वारा बीते माह पीडब्ल्यूडी को भेजा गया है। प्रस्ताव में कहा कि यदि अप्सरा बॉर्डर फ्लाईओवर से फ्रेंड्स कॉलोनी औद्योगिक क्षेत्र तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाते हैं, तो इससे गाजियाबाद से आने वाले वाहनों को सीधा लाभ मिलेगा। ये वाहन बिना रुके सीधे शाहदरा, सीलमपुर, शास्त्री पार्क और कश्मीरी गेट जा सकेंगे। दरअसल, जीटी रोड के इस हिस्से में दो प्रमुख ट्रैफिक सिग्नल हैं। एक चिंतामणि चौक पर और दूसरा झिलमिल मेट्रो स्टेशन के पास। यही दोनों सिग्नल फिलहाल इस पूरे इलाके में भारी ट्रैफिक जाम की सबसे बड़ी वजह बने हुए हैं। सुबह और शाम के पीक ऑवर में हालात ऐसे हो जाते हैं कि वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि प्रदूषण भी बढ़ता है। पीडब्ल्यूडी को भेजे गए प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि ऊपर एलिवेटेड रोड से ट्रैफिक को निकाल दिया जाए, तो नीचे जीटी रोड पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। नीचे की सड़क पर ट्रैफिक को बैक-टू-बैक यू-टर्न के जरिए सुचारु रूप से संचालित किया जा सकता है। इससे स्थानीय ट्रैफिक और औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने वाले छोटे वाहनों को भी राहत मिलेगी। प्रस्ताव में यह तर्क भी दिया गया है कि इससे पहले वेलकम और सीलमपुर इलाकों में इसी तरह की व्यवस्था अपनाकर ट्रैफिक समस्या का समाधान किया जा चुका है। वहां एलिवेटेड रोड और ट्रैफिक मैनेजमेंट के चलते जाम की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि फिजिबिलिटी स्टडी में तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ भूमि उपलब्धता, लागत, ट्रैफिक वॉल्यूम और भविष्य की जरूरतों का भी आकलन किया जाएगा। यदि अध्ययन में योजना व्यावहारिक पाई जाती है, तो यमुनापार के लाखों वाहन चालकों को जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सीमापुरी गोलचक्कर पर भी लगता है जाम
शाहदरा विधानसभा क्षेत्र के सीमापुरी गोलचक्कर पर भी लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या है। रोजाना हजारों वाहन इस चौराहे से गुजरते हैं, जिससे सुबह और शाम के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं। समस्या के स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग को सीमापुरी गोलचक्कर पर फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। योजना के तहत यहां करीब 300 से 400 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा सकता है। प्रस्ताव में दावा किया गया है कि फ्लाईओवर के निर्माण से दिलशाद गार्डन, दिलशाद कॉलोनी, नंद नगरी और सीमापुरी क्षेत्र के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुनापार में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को देखते हुए अप्सरा बॉर्डर फ्लाईओवर से झिलमिल स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी औद्योगिक क्षेत्र तक एक नए फ्लाईओवर (एलिवेटेड रोड) के निर्माण का प्रस्ताव सामने आया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर लोक निर्माण विभाग और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के बीच बातचीत चल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही पीडब्ल्यूडी की ओर से इस प्रस्ताव पर फिजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
यह प्रस्ताव संजय गोयल, शाहदरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक, द्वारा बीते माह पीडब्ल्यूडी को भेजा गया है। प्रस्ताव में कहा कि यदि अप्सरा बॉर्डर फ्लाईओवर से फ्रेंड्स कॉलोनी औद्योगिक क्षेत्र तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाते हैं, तो इससे गाजियाबाद से आने वाले वाहनों को सीधा लाभ मिलेगा। ये वाहन बिना रुके सीधे शाहदरा, सीलमपुर, शास्त्री पार्क और कश्मीरी गेट जा सकेंगे। दरअसल, जीटी रोड के इस हिस्से में दो प्रमुख ट्रैफिक सिग्नल हैं। एक चिंतामणि चौक पर और दूसरा झिलमिल मेट्रो स्टेशन के पास। यही दोनों सिग्नल फिलहाल इस पूरे इलाके में भारी ट्रैफिक जाम की सबसे बड़ी वजह बने हुए हैं। सुबह और शाम के पीक ऑवर में हालात ऐसे हो जाते हैं कि वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि प्रदूषण भी बढ़ता है। पीडब्ल्यूडी को भेजे गए प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि ऊपर एलिवेटेड रोड से ट्रैफिक को निकाल दिया जाए, तो नीचे जीटी रोड पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। नीचे की सड़क पर ट्रैफिक को बैक-टू-बैक यू-टर्न के जरिए सुचारु रूप से संचालित किया जा सकता है। इससे स्थानीय ट्रैफिक और औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने वाले छोटे वाहनों को भी राहत मिलेगी। प्रस्ताव में यह तर्क भी दिया गया है कि इससे पहले वेलकम और सीलमपुर इलाकों में इसी तरह की व्यवस्था अपनाकर ट्रैफिक समस्या का समाधान किया जा चुका है। वहां एलिवेटेड रोड और ट्रैफिक मैनेजमेंट के चलते जाम की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि फिजिबिलिटी स्टडी में तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ भूमि उपलब्धता, लागत, ट्रैफिक वॉल्यूम और भविष्य की जरूरतों का भी आकलन किया जाएगा। यदि अध्ययन में योजना व्यावहारिक पाई जाती है, तो यमुनापार के लाखों वाहन चालकों को जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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सीमापुरी गोलचक्कर पर भी लगता है जाम
शाहदरा विधानसभा क्षेत्र के सीमापुरी गोलचक्कर पर भी लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या है। रोजाना हजारों वाहन इस चौराहे से गुजरते हैं, जिससे सुबह और शाम के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं। समस्या के स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग को सीमापुरी गोलचक्कर पर फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। योजना के तहत यहां करीब 300 से 400 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा सकता है। प्रस्ताव में दावा किया गया है कि फ्लाईओवर के निर्माण से दिलशाद गार्डन, दिलशाद कॉलोनी, नंद नगरी और सीमापुरी क्षेत्र के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा।
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