{"_id":"6aca2c8b3df1f7b8e701b64c","slug":"proposal-for-open-tender-for-hostel-construction-at-du-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-158579-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: डीयू में छात्रावास निर्माण के लिए खुली निविदा का सुझाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: डीयू में छात्रावास निर्माण के लिए खुली निविदा का सुझाव
विज्ञापन
वित्त समिति सदस्य ने कुलपति को पत्र लिखकर पारदर्शिता पर दिया जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के वित्त समिति सदस्य की ओर से छात्रावास निर्माण कार्य में पारदर्शिता और सरकारी धन के सही इस्तेमाल के मामले को लेकर कुलपति को पत्र लिखा गया है। वित्त समिति सदस्य डॉ. जेएल गुप्ता ने कुलपति प्रो. योगेश सिंह को पत्र लिखकर छात्रावास निर्माण में खुली और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया अपनाने का सुझाव दिया है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि डीयू में छात्रावासों की कमी एक बड़ी समस्या है। ऐसे में नए छात्रावास बनाने की योजना से छात्रों को रहने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। छात्रावास निर्माण पर सरकारी धन खर्च किया जाना है। ऐसे में परियोजना शुरू करने से पहले पैसों के सही इस्तेमाल और कामकाज पर निगरानी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने पत्र में भवन निर्माण समिति की सिफारिशों पर भी विचार करने का सुझाव दिया है। उन्होंने यह पत्र नौ अक्तूबर को वित्त समिति की बैठक में कुलपति को सौंपे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के वित्त समिति सदस्य की ओर से छात्रावास निर्माण कार्य में पारदर्शिता और सरकारी धन के सही इस्तेमाल के मामले को लेकर कुलपति को पत्र लिखा गया है। वित्त समिति सदस्य डॉ. जेएल गुप्ता ने कुलपति प्रो. योगेश सिंह को पत्र लिखकर छात्रावास निर्माण में खुली और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया अपनाने का सुझाव दिया है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि डीयू में छात्रावासों की कमी एक बड़ी समस्या है। ऐसे में नए छात्रावास बनाने की योजना से छात्रों को रहने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। छात्रावास निर्माण पर सरकारी धन खर्च किया जाना है। ऐसे में परियोजना शुरू करने से पहले पैसों के सही इस्तेमाल और कामकाज पर निगरानी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने पत्र में भवन निर्माण समिति की सिफारिशों पर भी विचार करने का सुझाव दिया है। उन्होंने यह पत्र नौ अक्तूबर को वित्त समिति की बैठक में कुलपति को सौंपे।
विज्ञापन