बजट से प्रॉपर्टी बाजार को मिली 'संजीवनी'
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टैक्स में छूट और विदेशी निवेश के लिए तय मानकों में ढील से रीयल एस्टेट क्षेत्र में फिर से तेजी आने की आस जगी है। अब तक रीयल एस्टेट में विदेशी निवेश 50 हजार वर्ग मीटर पर ही हो सकता था।
अब 20 हजार वर्ग मीटर भूखंड पर भी छूट मिल गई है। एक करोड़ डॉलर के निवेश की सीमा को घटाकर 50 लाख डॉलर कर दिया है।
सौ नए शहर बसाने और अफोर्डेबल हाउसेज से इस क्षेत्र का विस्तार होगा। हालांकि रीयल एस्टेट को सिंगल विंडो सिस्टम और इंडस्ट्री का दर्जा न देने से कारोबारी मायूस भी हुए।
इस एरिया में होंगे सबसे ज्यादा फ्लैट
वहीं, करीब दो साल से ठंडे पड़े प्रॉपर्टी बाजार में बूम आने की संभावना है। कारोबारी आम बजट का ही इंतजार कर रहे थे। सरकार के लचीला व्यवहार से इनका उत्साह बढ़ा है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण वैसे तो औद्योगिक सेक्टर हैं, लेकिन यहां पर प्रॉपर्टी का कारोबार काफी बड़ा है। नोएडा में करीब सौ बिल्डरों के प्रोजेक्ट हैं। ग्रेटर नोएडा में इनकी संख्या दो सौ के करीब है।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में भले ही अभी ज्यादा हलचल नहीं है लेकिन वहां भी दो दर्जन से ज्यादा बिल्डरों के प्रोजेक्ट शुरू हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि एनसीआर में सबसे ज्यादा फ्लैट इसी क्षेत्र में होंगे।
आशियाने की तरफ झुकेगा मन
नोएडा के सेक्टर-45 में काम करने वाले प्रॉपर्टी एक्सपर्ट योगेंद्र शर्मा का कहना है कि बाजार हमेशा स्थायित्व चाहता है। करीब दो साल से बाजार इंतजार कर रहा था।
आम बजट में किसी प्रकार का अतिरिक्त टैक्स का बोझ नहीं डाला गया है। इससे कारोबारी खुले मन से काम करेंगे। जैसे ही खरीदारों का मन आशियाने की तरफ झुकेगा, खुद ही बाजार में रौनक आ जाएगी।