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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में बजट प्रस्तावः 20 हजार से अधिक कमाई पर पेशेवर कर
Sat, 16 Nov 2019 05:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 16 Nov 2019 05:31 AM IST
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प्रस्तावित बजट निगमायुक्त ज्ञानेश भारती ने पेश किया
- फोटो : अमर उजाला
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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) के बजट में आम लोगों की जेब पर संपत्ति कर की मार पड़ सकती है। एसडीएमसी का बजट शुक्रवार को पेश किया गया। इसमें मध्य वर्ग को ऊपरी वर्ग में शामिल कर संपत्ति कर दो प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, संपत्ति हस्तांतरण (कनवर्जन) शुल्क में भी एक प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर में एसडीएमसी का 2020-21 के लिए प्रस्तावित बजट निगमायुक्त ज्ञानेश भारती ने पेश किया। उन्होंने संपत्ति कर की श्रेणी में निगम के निर्धारित राजस्व के लक्ष्य की पूर्ति के लिए कर दो फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव में कहा गया कि संपत्ति कर के राजस्व लक्ष्य को बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि वित्त वर्ष 2019-20 में यह लक्ष्य 800 करोड़ था।
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अभी तक आवासीय, वाणिज्यिक और गैर आवासीय संपत्ति कर तीन श्रेणियों ए-बी, सी-डी-ई और एफ-जी-एच में बंटा था। अब ए-बी और सी-डी-ई को मिलाकर एक श्रेणी बनाने की बात कही गई है। दोनों श्रेणियों के मिलाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो जिन संपत्तियों से पहले सी-डी-ई श्रेणी में 10 प्रतिशत संपत्ति कर लगता था, उनसे 12 प्रतिशत कर वसूला जाएगा। जबकि एफ-जी-एच श्रेणी की संपत्तियों के लिए कर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस श्रेणी की संपत्तियों को 7 प्रतिशत ही कर देना होगा।
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20,000 से अधिक कमाने पर पेशेवर कर
वित्तीय वर्ष 2020-21 में लोगों पर पेशेवर कर (प्रोफेशनल टैक्स) लगाने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत 20,000 तक की आमदनी वाले लोगों को कर से मुक्त रखा गया है, जबकि 20,001 से 50,000 रुपये तक कमाने वाले लोगों से 100 रुपये प्रतिमाह और 50,000 रुपये से अधिक कमाने वाले लोगों से 200 रुपये प्रतिमाह वसूलने का प्रस्ताव है।