पड़ताल: हाई स्पीड ट्रैक की टेस्टिंग में मिली 18 दरारें
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उत्तर मध्य रेलवे के कर्मचारियों ने होडल और कोसीकलां के बीच ट्रैक की टेस्टिंग की है। जिसमें दिल्ली से आगरा के बीच हाईस्पीड रेलवे ट्रैक की टेस्टिंग में 18 दरारें मिलीं। इसकी रिपोर्ट सेक्शन इंजीनियर आगरा डिवीजन को भेजी गई। जहां से इसे जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा।
ज्ञात हो कि रेलवे ने दिल्ली से आगरा के बीच हाई स्पीड ट्रेन चलाने की योजना तैयार की है। योजना को साकार करने के लिए 3 जुलाई को रेलवे ने नई दिल्ली से आगरा तक 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से स्पेशल गाड़ी दौड़ाई थी। ट्रायल रन में सेमी हाई स्पीड ट्रेन ने 178 किलोमीटर कर दूरी 100 मिनट में पूरी की थी। माना जा रहा है कि यह ट्रेन सेेवा यात्रियों के लिए नवंबर से शुरू हो सकती है। तब यह गाड़ी दिल्ली से आगरा तक का सफर 90 मिनट में तय करेगी।
ट्रैक की चल रही है जांच
हाई स्पीड ट्रेन चलाने के लिए रेलवे नियमित रूप से ट्रैक की जांच कर रहा है। हाई स्पीड ट्रेन के ट्रायल के पहले रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अरुनेंद्र कुमार ने आगरा तक निरीक्षण किया था। इस दौरान करीब 16 घुमाव व रफ़्तार कम करने वाले क्षेत्र चिन्हित किए गए थे। जिनमेें सुधार किया गया है।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि तीन दिन पहले उत्तर मध्य रेलवे के कर्मचारियों ने पलवल के होडल से कोसीकलां स्टेशन तक मेन ट्रैक की डीएडीआरटी (डिजिटल अल्ट्रासोनिक ड्यूबेल रेल टेस्टर) मशीन से जांच की थी। इस जांच में 18 स्थानों पर ट्रैक में दरारें पाई गई। जांच टीम ने इसकी रिपोर्ट बनाकर सेक्शन इंजीनियर आगरा डिवीजन को भेज दी। जांच टीम अब उत्तर रेलवे के असावटी रेलवे स्टेशन के आसपास ट्रैक की जांच कर रही है।
क्या है डीएडीआरटी
डिजिटल अल्ट्रासोनिक ड्यूबेल रेल टेस्टर इलेक्ट्रॉनिक मशीन है। यह रेलवे ट्रैक में आई बारीक से बारीक दरारें, ऊंची-नीची ट्रैक, जोड़ों में आने वाली कमी आदि की जांच करती है। जो कमी मैनुअल तरीके से नहीं पकड़ में आती है, उसे इस मशीन द्वारा पकड़ा जा सकता है।
हर दिन रेलवे ट्रैक पर सैकड़ों गाड़ियाें के दौड़ने के कारण रेलवे ट्रैक में थोड़ी-बहुत दरारें आती रहती हैं। गैंगमैन व अन्य रेलवे अधिकारियों द्वारा प्रत्येक ट्रैक की नियमित जांच की जाती है। जहां भी कमी मिलती है उसे तत्काल दुरुस्त कर दिया जाता है। यात्रियों की सुरक्षा रेलवे के लिए सर्वोपरि है। होडल-कोसी के बीच जांच में जो भी कमी पाई गई होगी उसे दुरुस्त करा दिया जाएगा।
-नवीन कुमार, प्रवक्ता, उत्तर मध्य रेलवे, इलाहाबाद