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रोडवेज को लगा 2.70 करोड़ का चूना
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 05 Jun 2014 03:54 PM IST
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हरियाणा रोडवेज को निजी बस ऑपरेटरों की वजह से 2.70 करोड़ रुपये की चपत लग गई है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
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मुख्यालय ने बल्लभगढ़ डिपो से इस बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। वर्ष 2004 में रोडवेज ने शहर के कई रूटों पर 66 निजी बस ऑपरेटरों को परमिट दिया था।
हर साल इन बस ऑपरेटरों को अपना परमिट आरटीए से रिन्यू करवाना था। इसके साथ ही इन बसों को बल्लभगढ़ बस डिपो से सवारियों को उठाने के लिए स्टैंड फीस भरनी थी, लेकिन बस ऑपरेटरों ने वर्ष 2004 से लेकर अब तक स्टैंड फीस नहीं भरी।
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विभाग के अनुसार, इस घोटाले का जिम्मेदार आरटीए (रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) भी है, क्योंकि इनमें से कुछ बसों के ही परमिट का नवीनीकरण किया गया, जबकि नवीनीकरण करने से पहले रोडवेज से एनओसी लेना जरूरी होता है, जिसमें स्टैंड फीस बकाया है या नहीं, यह स्पष्ट किया जाता है।
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बल्लभगढ़ डिपो के महाप्रबंधक तरुण पावरिया ने बताया कि जो जानकारी मुख्यालय ने मांगी है, उसे मुहैया करवाया जा रहा है। कुछ कार्रवाई रोडवेज के क्षेत्राधिकार में नहीं आती है। वहीं, आरटीए सतबीर सिंह ने बताया इस तरह की कोई जानकारी मुख्यालय से मांगी जाएगी तो दे दी जाएगी।
नुकसान की यहां से मिली जानकारी
कुछ समय पहले बल्लभगढ़ से धौज चलने वाली एक निजी बस की खरीद को लेकर विवाद सामने आया था, जिसमें यह पता चला था कि बस बिना स्टैंड फीस भरे ही चल रही है, जबकि उसके परमिट का नवीनीकरण किया गया है। मामले के सामने आने के बाद मुख्यालय ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को लपेटे में ले लिया है।