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तिहाड़ में कैदी की मौत: जमानत मिलने पर अपने लाल को लेने जेल पहुंची थी मां, तभी छोटे बेटे ने किया फोन, बोला- भाई अब नहीं रहा
Thu, 14 Apr 2022 10:53 PM IST
प्रशांत कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 14 Apr 2022 10:53 PM IST
सार
मां को बताया गया था कि सोमवार दोपहर तीन बजे अस्पताल लाया गया था। उसके पेट में पानी था। उसका इलाज चल रहा था। मां ने आरोप लगाया है कि जब तबीयत खराब थी तो परिजनों को समय से सूचना क्यों नहीं दी गई। युवक के शव शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तिहाड़ में बंद एक कैदी युवक(23) की मौत हो गई। आरोप है कि तिहाड़ प्रशासन की ओर से इसकी सूचना परिजनों को नहीं दी गई थी। मां को अपने बेटे की मौत का उस समय पता चला जब वह जमानत मिलने के बाद बेटे को तिहाड़ लेने पहुंची थी। तिहाड़ प्रशासन का कहना है कि किसी कैदी के साथ कोई अनहोनी घटना होती है तो उसकी परिजनों को तुरंत सूचना दी जाती है। युवक की मौत मामले में अगर परिजनों को सूचना नहीं दी गई है तो उसकी जांच करवाई जाएगी।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार 23 वर्ष का युवक तीन वर्ष से तिहाड़ जेल में बंद था। करोल बाग थाने में उस पर पोक्सो का मामला दर्ज हुआ था। उसके पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में मां के अलावा, छोटा भाई व शादीशुदा बहन है। उसकी मां ने बेटे की जमानत के लिए गत सोमवार को जमानत याचिका लगाई थी। जमानत के लिए 20 हजार रुपये की एफडी देनी थी। आर्थिक तंगी के चलते पड़ोस में रहने वाले मनमोहन सिंह वालिया(72) ने 50 हजार की एफडी से जमानत दिलवाई थी।
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इसके बाद उसकी मां बेटे को लेने तिहाड़ पहुंची। वह शाम सात बजे से रात 11 बजे तक बेटे के जेल से बाहर आने का इंतजार करती रही। तभी उसके पास उसके छोटे बेटे का फोन किया कि एक पुलिसकर्मी घर पर आया है और कह रहा है कि उसके भाई की मौत हो चुकी है। उसका शव डीडीयू अस्पताल में रखा है। इसके बाद मां अस्पताल पहुंची तो उसके बेटे का शव रखा हुआ था।
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