प्रधान सचिव का विवादों से गहरा नाता, ACB को मिलीं 7 शिकायतें
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) के पास सात शिकायतें 2012 से आई हैं। शाखा ने एक शिकायत वैट आयुक्त को भेजी है और एक सीबीआई को जांच के लिए भेजी थी। उसी शिकायत पर छापेमारी हुई है जो दिल्ली डायलॉग कमीशन के सदस्य सचिव रहे आशीष जोशी ने की थी।
दिल्ली में शिक्षा निदेशक, वैट आयुक्त, आईटी, शहरी विकास, परिवहन, उच्च शिक्षा के अलग-अलग समय पर सचिव रह चुके हैं। वर्तमान में सेवा विभाग के सचिव के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी है।
विवादों से आए 1989 बैच के आईएएस राजेन्द्र कुमार 2013 में 49 दिन की सरकार में भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सचिव बनाए गए थे। आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग करने वाले राजेन्द्र कुमार को केजरीवाल सबसे विश्वासपात्र आईएएस अधिकारी मानते हैं।
फाइलें जबरदस्ती मंगवाने को लेकर भी विवाद में रहे हैं
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली सरकार के पेचीदगी समझाने वाले कुमार वर्तमान सरकार में सेवा विभाग के प्रधान सचिव रहे अनिंदो मजूमदार के कमरे में ताला लगवाने और फिर गृह विभाग की फाइलें जबरदस्ती मंगवाने को लेकर भी विवाद में रहे हैं।
दिल्ली डायलॉग कमीशन के सदस्य सचिव रहे आशीष जोशी को जबरन पद से हटाने के मामले में जोशी ने सीधे धमकाने तक का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत पुलिस को भी दी थी। पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल से जो सीएनजी वाहन फिटनेस घोटाला जांच चल रही है उसमें भी एसीबी ने राजेंद्र कुमार का नाम पूछताछ किए जाने वाली सूची में शामिल किया था।
वहीं आशीष जोशी ने शिक्षा, आईटी में रहते एक निजी कंपनी को पद का दुरुपयोग करके लाभ पहुंचाने की शिकायत एसीबी को दी थी। जोशी ने आरोप लगाए हैं कि अलग-अलग विभाग में रहते हुए राजेंद्र कुमार ने कई कंपनियों की स्थापना कराई। बिना टेंडर के उन्हें काम दिया जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ।