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प्रधानमंत्री सोइल हेल्थ मिशन योजना शुरू, जानिए क्या होगा फायदा
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 24 Jun 2016 12:01 AM IST
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केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रधानमंत्री सोइल हेल्थ मिशन के नाम से एक योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जमीन में बढ़ते उर्वरकों के प्रयोग के कारण खराब हुई मृदा की सेहत को सुधारा जाएगा।
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किसान के खेत की मिट्टी और पानी की जांच कर उसे सुझाव दिया जाएगा कि वह अपने खेत में कौन सी फसल बो कर ज्यादा पैदावार ले सकता है।
इस योजना के तहत पूरे देश भर में कृषि विभाग द्वारा मिट्टी जांच का अभियान चलाया जाएगा जो दिसंबर 2017 तक पूरा करना होगा।
हरियाणा प्रदेश में चार जिलों को पहले चरण में पायलट के तौर पर चुनकर इस योजना को क्र्तियान्वित किया जाएगा। इन चार जिलों में सबसे पिछड़े जिला मेवात को भी शामिल किया गया है।
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इसके अलावा इस योजना को शुरुआती दौर में फरीदाबाद पानीपत पंचकूला जिले में क्र्तियांवित किया जाएगा। सरकार की इस योजना का सीधे तौर पर कृषि पर निर्भर रहने वाली देश की आधी से अधिक आबादी को होगा।
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भारत कृषि प्रधान देश है और उस में कृषि और किसानों के गिरते स्तर को ऊंचा करने की जो योजना सरकार ने बनाई है वह वास्तव में किसानों के लिए लाभकारी होगा।
वहीं मेवात जिले में इस योजना का लाभ किसानों को मिलता नहीं दिख रहा है क्योंकि मेवात में इस योजना के क्र्तियांवयन के के लिए ना तो पर्याप्त मात्रा में है स्टॉफ है और ना ही मिट्टी व पानी की जांच के लिए एक क्र्तियाशील लैब।
हालात यह हैं की जिले में जिस भी किसान को अपने खेत की मिट्टी और पानी की जांच करानी होती है उसे कृषि विभाग के अधिकारी बल्लभगढ़ लैब में भेजते हैं।
जहां से इसकी रिपोर्ट तैयार होकर किसान के पास पहुंचती है। हालांकि जिले में दो सोइल टेस्टिंग लैब हैं। लेकिन बिना स्टॉफ व संसाधनों के यह मात्र एक दिखावा बनी हुई है।
स्टाफ की बात करें तो मेवात जिले का सोइल टेस्टिंग ऑफिसर का राजेंद्र सिंह को एडिशनल चार्ज दिया हुआ है। इसके अलावा यहां पर स्वीकृत 17 लैब असिस्टेंट के पदों में से एक भी पद भरा हुआ नहीं है।
यहां सहायक सोइल टेस्टिंग ऑफिसरए जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंटए लैब अटेंडेंटए चौकीदारए चपरासीए डाटा एंट्री ऑपरेटर जैसे तमाम पद रिक्त हैं।
लैब को कृषि विभाग के कार्यालय में रखा हुआ है जो कार्यालय पिछले करीब 3 साल से खंडर होने के कारण बंद है। जिले में इस योजना के तहत कृषि विभाग को 17512 सैंपल लेने का टारगेट दिया गया है। जिसे कृषि विभाग को खरीफ के चालू सीजन व रवि की फसल के आने वाले सीजन में पूरा करना है।