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दिल्ली में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ने छोड़ा तीर, धू-धूकर जले रावण के पुतले

Tue, 08 Oct 2019 05:41 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 08 Oct 2019 05:41 PM IST
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Prime Minister Narendra Modi join Dussehra function at Ram Leela grounds in Dwarka sector-10 delhi
Narendra Modi - फोटो : एएनआई
मंगलवार को राजधानी में जगह-जगह रावण परिवार के पुतलों का दहन किया गया। द्वारका स्थित रामलीला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीर चलाकर 107 फीट के रावण के पुतले का दहन किया। वहीं राष्ट्रपति ने भी तीर चलाकर रावण का दहन किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी रावण के पुतले का दहन किया।
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श्री द्वारका रामलीला कमेटी की ओर से मंच को अयोध्या के राम मंदिर का रूप दिया गया था। रामलीला के सभी प्रवेश द्वार इंडिया गेट के रूप में थे। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सांसद मनोज तिवारी ने पीएम की अगवानी की। 
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मंच पर पीएम को गदा देकर सम्मानित किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और वीर हनुमान का तिलक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा भी मंच पर रहे।

लाल किला स्थित माधव दास पार्क में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू पहुंचे। उन्होंने वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित कर स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया।



 

मां की उपासना करने वाला यह देश हर मां-बेटी का सम्मान करें

हमारी बेटी हमारी लक्ष्मी है। इस दिवाली पर हमें सामूहिक कार्यक्रम करके उन बेटियों को सम्मानित करना चाहिए, जिन्होंने अपने जीवन में कुछ हासिल किया है। जो बेटियां दूसरों को प्रेरणा दे सकती हैं, उन बेटियों को सम्मानित करना चाहिए। 

इस दिवाली यही हमारा लक्ष्मी पूजन होना चाहिए। यह बातें द्वारका रामलीला कमेटी में रावण का दहन कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहीं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के द्वारका में रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुए। यहा उन्होंने 107 फीट के रावण के पुतले का दहन किया। इस मौके पर जय श्रीराम से भाषण की शुरुआत की। 

विजयादशमी पर शक्ति अराधना की पूजा होती है। इस पावन पर्व पर मां की उपासना करने वाला यह देश हर मां-बेटी का सम्मान करें। उनकी गरिमा का संकल्प हमारी जिम्मेदारी बनती है। समय रहते हमें परिवर्तन लाना है। 

हस्ती मिटती नहीं हमारी इसका यही कारण है कि हमारे यहां महापुरुष पैदा होते है। शुरू में तो उन्हें संघर्ष करना पड़ता है लेकिन बाद में वहीं संत हो जाते है। यह भी कहा कि शायद ही 365 दिन में कोई एक दिन हो जहां भारत में कोई उत्सव देश के किसी कोने में नहीं मनाया जाता हो। 
उत्सव हमें जोड़ते हैं और उमंग भरता है। उत्साव ही हमारे रगों में धड़कता है। आज विजयादशमी का पर्व है। साथ ही हमारी वायुसेना का जन्मदिन भी है। हमारे देश की वायुसेना जिस प्रकार से पराक्रम की नई-नई ऊंचाईयां प्राप्त कर रही है, हमें वायुसेना की जांबाज जवानों को याद करना चाहिए। 
 

प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से संकल्प लेने को कहा

मंच से प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लोग कोई एक संकल्प जरूर लेना चाहिए। देश की भलाई के लिए संकल्प जरूर लें। ये संकल्प बिजली-पानी बचाना का हो सकता है। जूठा खाना नहीं छोडने का भी हो सकता है। प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने का भी हो सकता है। 

देश की संपत्ति बचाने का भी हो सकता है। सामूहिक प्रयास होना चाहिए। भगवान राम ने श्रीलंका तक जाने के लिए बांध बना दिया। हमें भी गली-मुहल्ले, गांव-गली में प्लास्टिक मुक्त सामूहिक अभियान चलाने की जरूरत है। महात्मा गांधी की जयंती पर हमें संकल्प लेना चाहिए। यह संयोग ही है कि गुरु नानक का प्रकाश पर्व भी इसी महीने मनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नौ रात्रि के नौ दिन भारत के हर कोने में पर्व मनाया गया। शक्ति आराधना का पर्व। ये शक्ति की आराधना भीतर की कमी से मुक्ति के लिए है। आज आसुरी शक्ति पर दैवीय शक्ति पर विजय का पर्व है। 

हमारे समाज में कोई बुराई आती है तो इस बुराई को दूर करने के लिए हमारे ही समाज में महापुरुष भी पैदा होते हैं। उत्सव भावों की अभिव्यक्ति प्रतिभा को निखारने के साथ सामाजिक गरिमा देने का काम करता है। हम चुनौती देने वाले भी और समयानुसार खुद को बदलने वाले भी। हम खुद ही बुराइयों के खिलाफ  खड़े होते हैं। 

भारतीय परंपरा में रोबोर्ट नहीं पैदा होते

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में रोबोर्ट नहीं पैदा होते। यहां जीते जागते इंसान पैदा होते है। हमारे भीतर की दया-भावना लगातार उर्जा देने का काम करता है। देश मे उत्सव ही संस्कार, शिक्षा और सामूहिक जीवन का प्रशिक्षण देते हैं। कला, साधना ने उत्सवों को जीवंत किया तभी हमारे यहां रोबोट नहीं मानव पैदा होते हैं। बुराईयों को खत्म करने वाले महापुरुष होते है। 
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