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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   IIT Delhi's Lokpal will now hear student complaints

Delhi NCR News: आईआईटी दिल्ली में अब लोकपाल सुनेगा छात्रों की शिकायतें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 09:38 PM IST
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-आईआईटी की ओर से नियुक्त किया जाएगा लोकपाल
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-बीते सप्ताह छात्र की मौत के बाद से जारी प्रदर्शन के बीच फैसला

-निष्पक्ष जांच के लिए बाहरी समिति भी गठित होगी

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली में अब लोकपाल छात्रों की शिकायत सुनेगा। संस्थान छात्रों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए एक बाहरी लोकपाल नियुक्त करने जा रहा है। बीते सप्ताह एमएससी के छात्र ऋषिकेश की मौत के बाद बीते दो दिन से जारी छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए आईआईटी प्रशासन ने यह कदम उठाया है। हालांकि, संस्थान ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि लोकपाल की नियुक्ति कब तक की जाएगी। इसके साथ ही छात्र की मौत से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बाहरी जांच समिति गठित की जाएगी।
आईआईटी दिल्ली ने बयान जारी कर कहा कि इस मुश्किल घड़ी में संस्थान छात्र के परिवार के साथ खड़ा है। वहीं, फैकल्टी, छात्रों और स्टाफ के सहयोग से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
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संस्थान के मुताबिक ऋषिकेश कुमार ने जुलाई 2025 में आईआईटी दिल्ली में दाखिला लिया था और वह कैंपस के हॉस्टल में रह रहे थे। वह पढ़ाई में अच्छे थे। इस साल होली के कुछ दिनों बाद साथी छात्रों की ओर से जताई गई चिंता के बाद उन्हें तुरंत संस्थान की एंबुलेंस से आईआईटी दिल्ली अस्पताल ले जाया गया था। वहां मनोचिकित्सक ने उनकी जांच की। इसके बाद परिवार की इच्छा पर उन्हें एक विशेषज्ञ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब एक महीने तक उनका इलाज चला।
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आईआईटी दिल्ली के अनुसार, छात्र के अनुरोध पर उनका दूसरा सेमेस्टर (जनवरी-मई 2026) और उसके बाद तीसरा सेमेस्टर (जुलाई-नवंबर 2026) रद्द किया गया था। जुलाई और अगस्त में भी उन्हें काउंसलिंग और मेडिकल सपोर्ट दिया जा रहा था।



मानसिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता

संस्थान ने स्पष्ट किया है कि छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य और उनका कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आईआईटी दिल्ली में फिलहाल 15 ऑन-कैंपस काउंसलर और एक फुल-टाइम मनोचिकित्सक उपलब्ध हैं। इसके अलावा एम्स और विमहंस के दो पार्ट-टाइम मनोचिकित्सक भी हैं।


छात्रों का विरोध जारी

आईआईटी दिल्ली के उठाए गए कदम से छात्र संतुष्ट नही है। ऐसे में उन्होंने अपना प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया है। छात्रों का कहना है कि इस मामले प्रशासन मेडिकल हिस्ट्री का हवाला देकर अपनी गलतियों को छुपाने का प्रयास कर रहा है। छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नही होती तब तक मामले की जांच, इस्तीफे ओर मुआवजेन की मांग को लेकर प्रदर्शन को जारी रखेंगे। वहीं, छात्रों ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार के नाम पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। छात्रों की मांग है कि जांच समिति की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाए।
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