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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Prime accused in 2021 Kishangarh firing case acquitted

Delhi NCR News: 2021 के किशनगढ़ गोलीबारी के मुख्य आरोपी बरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Aug 2025 07:54 PM IST
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- यह गोलीबारी 2021 में हुई थी जब किशनगढ़ में दिनदहाड़े एक एसयूवी में सवार लोगों को गोली मार दी गई
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संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने किशनगढ़ में गोलीबारी के चार साल पुराने मामले में चार आरोपियों को बरी कर दिया। यह मामला कथित तौर पर दो समूहों के बीच लंबे समय से चली आ रही रंजिश का नतीजा था। यह गोलीबारी 2021 में हुई थी जब किशनगढ़ में दिनदहाड़े एक एसयूवी में सवार लोगों को गोली मार दी गई थी। उसमें चालक घायल हो गया था, जबकि सोम राज उर्फ धामी और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी कृष्णा बाल-बाल बच गए थे। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी हरेंद्र मान और बिमलेश मान समेत आठ लोगों पर आपराधिक साजिश और हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था।

धामी ने स्पेशल सेल को बताया था कि हरेंद्र मान और उनके परिवार के सदस्यों से उनकी दुश्मनी थी क्योंकि फरवरी 2020 में मान के चाचा अशोक की हत्या कर दी गई थी। उन्हें और उनके भाई देवेंद्र और धर्मबीर को संदेह के आधार पर फंसाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि किशनगढ़ में गोलीबारी इसी का नतीजा था। मान के वकील और नीरज तिवारी ने कहा कि अभियोजन पक्ष का मामला पूरी तरह से अनुमान और बदले की भावना से लगाए गए आरोपों पर आधारित है, जिसमें कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है। पुलिस मामले में खामियां निकालते हुए अग्रवाल ने कहा कि जांच के दौरान किसी भी समय आरोपियों के कब्जे या नियंत्रण से कोई मोबाइल हैंडसेट, सिम कार्ड या संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद नहीं हुआ।
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अग्रवाल ने तर्क दिया कि ऐसी बरामदगी या तकनीकी साक्ष्य के अभाव में मोबाइल फोन से छेड़छाड़ या उसका इस्तेमाल करने का आरोप पूरी तरह से निराधार है। आरोपियों को फंसाने के लिए इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किरण गुप्ता ने कहा कि यद्यपि जांच अधिकारी ने कहा है कि आरोपी हरेंद्र मान व्हाट्सएप कॉल पर सह-आरोपियों के संपर्क में था, फिर भी, कोई कॉल विवरण या लोकेशन चार्ट रिकॉर्ड में नहीं रखा गया है जिससे प्रथम दृष्टया यह पता चले कि आरोपी हरेंद्र मान आपराधिक साजिश का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपी मंजीत सिंह उर्फ महल, सोनू उर्फ मुकेश, हरेंद्र मान, आशीष उर्फ बिट्टू और बिमलेश के खिलाफ साजिश का कोई सबूत नहीं है और उन्हें बरी कर दिया।
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