आम आदमी की थाली से गायब हो रही हरी सब्जियां, आलू पहुंचा 30 के पार
हरी सब्जियों की महंगाई सर्दियों में भी गर्मायी
-नई खेप की आलू भी 30 रुपये प्रतिकिलो के पार पहुंचा
-मटर के भाव हुए कम, 40-50 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंचा
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हरी सब्जियों की महंगाई सर्दियों में भी गर्माहट दे रही है। पिछले कई दिनों से सब्जियों के भाव नहीं गिर रहे है। नई खेप की आलू भी पहुंच से बाहर हो रही है। कई इलाकों में तो आलू की कीमत 30 रुपये प्रतिकिलो से भी अधिक बिक रही है।
हालांकि मटर के भाव में गिरावट दर्ज की जा रही है। सब्जियों की महंगाई में लगी आग ठंडी नहीं हो रही है। आलू, टमाटर, प्याज के भाव तो आसमां छू रहे है। इसी तरह सरसों-पालक साग, मेथी का पत्ता भी 30 रुपये प्रतिकिलो से अधिक खुदरा बाजार में मिल रहा है।
बैंगन व सेम भी 40-50 रुपये प्रतिकिलो खुदरा बाजार में बिक रहा है। ऐसे में आम आदमी की थाली से इन दिनों हरी सब्जियां गायब सी हो गई है। थोक बाजार में तो भाव थोड़े-बहुत अंतर के साथ जस के तस बने हुए है, लेकिन खुदरा व्यापारी अपने भाव कम करने को तैयार नहीं है।
मटर के भाव पहले के मुताबिक घटे
आलू, प्याज, टमाटर के भाव में खरीद पर महज एक रुपया कमाने की बात कहकर ग्राहकों से ऊंची कीमत वसूल रहे है, जबकि सच्चाई यह है कि आजाद पुर सब्जी मंडी की अपेक्षा खुदरा व्यापारी काफी ऊंची रकम पर ग्राहकों को दे रहे है।
हालांकि मटर के भाव पहले के मुताबिक काफी हद तक कम हुआ है। सौ रुपये प्रतिकिलो बिकने वाले मटर के भाव अब 40-50 रुपया तक पहुंच गया है। हालांकि पिछले साल दिसंबर महीने में यही मटर 15-20 रुपये प्रतिकिलो बिका था, लेकिन अन्य सब्जियों के भाव कम नहीं हो रहे है इसे देखते हुए खुदरा व्यापारी मटर के भाव भी बढ़ाए हुए है।