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Delhi Liquor Case: केजरीवाल बोले- BJP मेरी गिरफ्तारी चाहती है, ईडी का नोटिस गैरकानूनी, कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ
Thu, 04 Jan 2024 12:04 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Thu, 04 Jan 2024 12:04 PM IST
सार
भाजपा पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि जो इनकी पार्टी ज्वाइन कर लेते हैं। उसके सारे पाप धुल जाते हैं। मनीष सिसोदिया और संजय इसलिए जेल में हैं क्योंकि उन्होंने भाजपा को ज्वाइन नहीं किया। हमें लोकतंत्र को बचाना है।
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : ANI
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विस्तार
ईडी समन मामले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि दो साल में कई बार छापे पड़े। कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। ऐसे फर्जी केस में आम आदमी पार्टी के कई नेता जेल में इन्होंने रखे हैं। खुलेआम गुंडागर्दी हो रही है। पूछताछ के बहाने केजरीवाल को बुला लो और गिरफ्तार कर लो, ताकि में लोकसभा चुनाव में प्रचार ना कर पाऊं।
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दिल्ली के सीएम ने कहा कि ये सारे नोटिस गैर कानूनी हैं। क्या मुझे गैर कानूनी सम्मन का उत्तर देना चाहिए। मुझे लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने की साजिश है। भाजपा का मकसद मुझे लोकसभा चुनाव के प्रचार से रोकना है।
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ED समन पर मेरी प्रेस वार्ता। https://t.co/NB9Lty67jL
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) January 4, 2024
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केजरीवाल ने कहा कि पिछले दो साल से भाजपा की एजेंसियों ने शराब घोटाले में कई छापेमारी की और कई गिरफ्तारी की। लेकिन अभी तक एक भी पैसे का हेरफेर नहीं मिला। ऐसे फर्जी केस में कई आप नेताओं को इन्होंने जेल में रखा हुआ है। अब भाजपा मुझे गिरफ्तार करना चाहती है फर्जी समन भेजकर ये लोग मुझे बदनाम करना चाहते हैं। इन्होंने मुझे समन भेजा हुआ है और मेरे वकीलों ने बताया कि वो समन गैर कानूनी है। कानूनी रूप से सही समन आएगा तो मैं पूरा सहयोग करूंगा।
बता दें कि ईडी ने दिल्ली शराब घोटाला केस में 3 जनवरी को पूछताछ के लिए तीसरा समन जारी किया था। इससे पहले दो समन में भी केजरीवाल ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। ईडी ने 21 दिसंबर को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन तब सीएम विपश्यना के लिए चले गए थे।
सीएम ने 3 जनवारी यानी बुधवार को ईडी को पत्र लिखकर जवाब दिया। केजरीवाल ने ईडी को भेजे जवाब में कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के नाते वह राज्यसभा की चुनाव प्रक्रिया में व्यस्त हैं। इसके अलावा गणतंत्र दिवस की तैयारी में भी लगे हुए हैं, ऐसे में ईडी अपने सवालों की फेहरिस्त भेजना चाहे तो भेज सकती है, उनके जवाब दे देंगे। उन्होंने ईडी को भेजे गए पत्र में उनके सवाल का जवाब नहीं देने के मामले में घेरा।
सीएम ने कहा, उनकी ओर से पहले दो समन पर उठाई गई आपत्ति का जवाब नहीं देने पर वह आश्चर्यचकित है। पहले के समन से मिलता-जुलता समन फिर से भेज दिया। इससे साफ स्पष्ट होता है कि ईडी के पास इन समन का कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी का व्यवहार मनमाना और गैर पारदर्शी है। लिहाजा पहले की तरह फिर से कह रहे हैं कि वह कानून का सम्मान करते है और जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं। आप संयोजक ने कहा कि ईडी की चुप्पी निहित स्वार्थ की पुष्टि करती है। वह कई ऐसे मामले जानते हैं, जिसमें समन वाले व्यक्ति के पूछने पर ईडी ने विस्तृत स्पष्टीकरण दिया है, लेकिन उनके सवाल पर स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। लिहाजा एक बार फिर से मांग कर रहे हैं कि ईडी उनके सवालों का जवाब दें और वह इस जांच की मंशा दायरे को ठीक से समझ सके।
सीएम ने 3 जनवारी यानी बुधवार को ईडी को पत्र लिखकर जवाब दिया। केजरीवाल ने ईडी को भेजे जवाब में कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के नाते वह राज्यसभा की चुनाव प्रक्रिया में व्यस्त हैं। इसके अलावा गणतंत्र दिवस की तैयारी में भी लगे हुए हैं, ऐसे में ईडी अपने सवालों की फेहरिस्त भेजना चाहे तो भेज सकती है, उनके जवाब दे देंगे। उन्होंने ईडी को भेजे गए पत्र में उनके सवाल का जवाब नहीं देने के मामले में घेरा।
सीएम ने कहा, उनकी ओर से पहले दो समन पर उठाई गई आपत्ति का जवाब नहीं देने पर वह आश्चर्यचकित है। पहले के समन से मिलता-जुलता समन फिर से भेज दिया। इससे साफ स्पष्ट होता है कि ईडी के पास इन समन का कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी का व्यवहार मनमाना और गैर पारदर्शी है। लिहाजा पहले की तरह फिर से कह रहे हैं कि वह कानून का सम्मान करते है और जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं। आप संयोजक ने कहा कि ईडी की चुप्पी निहित स्वार्थ की पुष्टि करती है। वह कई ऐसे मामले जानते हैं, जिसमें समन वाले व्यक्ति के पूछने पर ईडी ने विस्तृत स्पष्टीकरण दिया है, लेकिन उनके सवाल पर स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। लिहाजा एक बार फिर से मांग कर रहे हैं कि ईडी उनके सवालों का जवाब दें और वह इस जांच की मंशा दायरे को ठीक से समझ सके।