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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया व्यापार मेले का आगाज
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 15 Nov 2014 08:01 AM IST
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मेक इन इंडिया प्रोग्राम से देश में हालात बदल रहे हैं, जिससे भारत में निवेशकों को लिए अनुकूल माहौल मिलेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और विकास दर में भी बढ़ोत्तरी होगी। यह सामाजिक समेत आर्थिक क्षेत्र के लिए बेहतर होगा। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ाने के लिए डिफेंस, मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और इंश्योरेंस सेक्टर में इसकी सीमा को बढ़ाया गया है। इससे हमारे देश का आर्थिक विकास होगा।
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यह बात राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी ने प्रगति मैदान में शुक्रवार को 34वें इंटरनेशनल ट्रेड फेयर के उद्घाटन मौके पर कही। हंसध्वनि थिएटर में मेले के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि भारत क्रय शक्ति क्षमता के मामले में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जोकि तेजी से आर्थिक विकास की राह में आगे बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में विकास दर में 5.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही पिछले वर्ष रिकॉर्ड खाद्य पदार्थों का उत्पादन हुआ, जिससे कृषि क्षेत्र में भी वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि वर्ष 2008 में आर्थिक मंदी के चलते विकास दर में बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी।
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राष्ट्रपति ने इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन को मेले की थीम महिला उद्यमिता रखने पर बधाई देते हुए कहा कि इसके माध्यम से भारतीय महिलाओं की कला, हुनर को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा। इससे उन्हें व्यापार क्षेत्र में जाने का अवसर भी उपलब्ध होगा। पिछले 30 सालों से देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी पर्यटक मेला देखने आते हैं। मेले में विदेशी देशों की बढ़ती संख्या दर्शाती है कि आज भारत संग व्यापार करने और निवेश करने में दुनिया भर के देश इच्छुक हैं। क्योंकि जहां पिछले वर्ष मेले में 21 देश थे, अब यह आंकड़ा 25 पर पहुंच गया है। उन्होंने पार्टनर देश साउथ अफ्रीका तो फोकस देश थाईलैंड व फोकस राज्य दिल्ली का स्वागत करते हुए महिलाओं को बेहतर मंच देने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि मेले के माध्यम से सबसे अधिक फायदा मध्यम वर्गीय परिवारों को होता है और बिजनेस के आधार पर देखा जाए तो खरीदारी भी खूब होती है। क्योंकि उन्हें एक मंच पर सभी सामान कम दाम पर उपलब्ध होता है। मेले की सफलता से साफ होता है कि मध्यमवर्गीय परिवार विकास की राह पर हैं।
उद्योग व वाणिज्य राज्य मंत्री निर्मला सीतारमन का मानना था कि महिला उद्यमिता थीम से जहां महिलाओं को व्यापार के लिए मंच मिलेगा, वहीं उनके विकास समेत आजादी को भी बढ़ावा मिलेगा। यहां उन महिलाओं को एक मंच देने की कोशिश की गई है, जिनका हुनर, कला कहीं छिपी हुई थी।
यहां घरों से लेकर बड़ी महिला उद्यमियों को शामिल किया गया है, जोकि विकास के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। दुनिया भर में एक साल के अंदर लगभग 31 हजार मेले लगते हैं लेकिन इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में दर्शकों की बढ़ती संख्या इसकी सफलता दर्शाती है। हमें उम्मीद है कि इस वर्ष दर्शकों की संख्या 20 लाख को पार कर जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, दक्षिण अफ्रीका की डिप्टी ट्रेड व इंडस्ट्री मिनिस्टर एलिजाबेथ थावेट, उपराज्यपाल नजीब जंग, आईटीपीओ की चेयरपर्सन रीता मेनन समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। इसके साथ राज्यों के पवेलियन समेत हॉल भी दर्शकों के लिए खुल गए।
व्यापार मेला लिखी डीटीसी बसें पहुंचाएंगी प्रगति मैदान
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में डीटीसी पहली बार नंबर की बजाय व्यापार मेला 2014 के नाम से बस सेवा चला रहा है, ताकि यात्री सड़क पर बसों के नंबर के फेर में न उलझें। नंद नगरी, नांगलोई व जेजे कॉलोनी से व्यापार मेले के नाम से कुल 25 बस चलाई जा रही हैं, जिसकी सुविधा यात्रियों को 19 नवंबर से मिलेगी। हालांकि व्यापार मेले के आसपास से गुजरने वाली अन्य बसों का आईटीओ की तरफ रूट डायवर्ट कर दिया गया है।
डीटीसी प्रबंधन के मुताबिक, व्यापारिक दिनों में भी अब यात्री मेले का रुख करने लगे हैं। इसके चलते रूट नंबर 261, 990 बसों के रूट डायवर्ट किए गए हैं, जोकि अब मथुरा रोड, तिलक ब्रिज, आईटीओ से होकर गुजरेंगे। इसके अलावा मथुरा रोड से आने-जाने वाली बसों के फेरे भी बढ़ाए गए हैं।
लोकनृत्यों से गुलजार हुए पवेलियन
व्यापार मेले में दर्शकों को देसी-विदेशी सामान खरीदने का मौका तो मिलेगा, साथ ही विभिन्न प्रदेशों के सांस्कृतिक कार्यक्रम संग लोक नृत्यों से भी रूबरू होंगे। पहले दिन पवेलियन के बाहर दर्शकों समेत मेहमानों ने लोकनृत्यों को देखा व सराहा। हिमाचल पवेलियन के बाहर ढोल-नगाड़े तो हरियाणा के बाहर रागिनी संग नृत्य, महाराष्ट्र के बाहर मछुआरा का प्रसिद्ध मस्ती भरा नृत्य लावणी को कलाकारों ने पेश किया। कर्नाटक के बाहर मैसूर में अंतरराष्ट्रीय दशहरे के अवसर पर सिर के ऊपर मटकी के चारों ओर रंग-बिरंगे कपड़ों से तैयार विशेष मंदिर टाइप डिजाइन के साथ कलाकार दोनों कंधों पर दो बेटियों को भी लेकर झूम रहा था।
पहले दिन करीब 40 हजार दर्शक पहुंचे
प्रगति मैदान में ट्रेड फेयर के पहले ही दिन करीब एक हजार बिजनेस क्लास टिकटें बिकीं ताकि महिलाओं के नाम पर आयोजित मेले को देखा जा सके। हालांकि दर्शकों से अधिक वीवीआईपी मेहमानों का रेला ही अधिक नजर आया। शुक्रवार सुबह 11 बजे मेले का परदा उठते ही चहल-पहल शुरू हो गई। राज्यों के पवेलियन तो पूरी तरह सजे-धजे दिखे। हालांकि देसी समेत विदेशी उत्पादों का सामान दोपहर से शाम तक आता रहा। मेले में इन्नोवेशन, तकनीक समेत होम प्रोडक्ट की भी भरमार है। शनिवार को दूसरा दिन होने के चलते दर्शकों के बढ़ने की संभावना है। पहले दिन करीब 40 हजार दर्शक ही पहुंच पाए, जिसमें आधे से अधिक आईटीपीओ समेत राज्यों द्वारा बुलाए गए मेहमान थे।
फोकस राज्य दिल्ली में महिलाओं का सम्मान
मेले के फोकस राज्य दिल्ली में उपराज्यपाल नजीब जंग ने दौरा करते हुए हर क्षेत्र में अपनी सफलता का लोहा मनवाने वाली आठ चुनिंदा महिलाओं को सम्मानित किया। पवेलियन की खास बात यह है कि यहां पर सभी स्टॉल पर सिर्फ महिलाओं को ही रखा गया है। इसके अलावा दिल्ली की तकनीकी क्षेत्र में खास काम करने वाली युवा उद्यमियों को बुकलेट में उनके काम, पढ़ाई-लिखाई के साथ दर्शाया गया। इस मौके पर लैला तैयबजी, रीतू डालमिया, किरण चोपड़ा, रीना ढाका, ऋतु बेरी, भाहनीन अंजुम, स्नेह गंगल, सुनीता गोदारा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्य सचिव डीएम स्पोलिया भी मौजूद रहे।
जूस और एपण रहेगा विशेष
उत्तराखंड पवेलियन दर्शकों को पहाड़ी संस्कृति, विरासत समेत खानपान का वैभव दिखाने के लिए तैयार है। पवेलियन के अंदर जाने से पहले दर्शकों को पहाड़ी वाद्ययंत्रों पर पारंपरिक पहाड़ी धुन सुनने को मिलेगी। हॉल नंबर छह में उत्तराखंड पवेलियन में खादी ग्रामोद्योग मंत्री हरीश चंद्र दुर्ग गोपाल ने दौरा करते हुए स्टॉलों का जायजा लिया। यहां पर गर्म कपड़ों के अलावा लीची, सेब का ताजा जूस संग अल्मोड़ा की बाल मिठाई समेत ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार आचार, पापड़ और देसी सफेद मक्की का आटा व राजमा भी मिलेंगे। इसके अलावा दर्शक पारंपरिक रंगोली (एपण) को भी जान सकेंगे।
पटियाला से तीन सूत पंजाबी जूती बनी पवेलियन की शान
समृद्ध व खुशहाल पंजाब अपनी शान पवेलियन में लुक आउट से जाहिर करेगा तो दर्शकों को फुलकारी के पंजाबी सूट, दुपट्टे, जैकेट, अमृतसरी अचार, मुरब्बे व बड़ियां भी भाएंगी। लेकिन खास बात यह है कि यहां पर पटियाला के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बुद्धराम तीस सूत, चार सूत व पांच सूत (आधे ईंच से भी कम) की पंजाबी जूती लेकर पहुंचे हैं। इसके अलावा यहां लाइव डेमो में पंजाबी इनले वर्क भी होगा, जिसमें लकड़ी में हाथी दांत की बजाय प्लास्टिक से कटवर्क कर डिजाइन दिया जाता है।
यूपी में सरकार ने साइकिल से दिखायी ताकत
उत्तर प्रदेश पवेलियन में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं को खास तवज्जो दी गई है। मुरादाबाद का ब्रास तो लखनऊ से चिकन वर्क, सभी को आकर्षित कर रहा है। हालांकि यहां दर्शकों को सबसे अधिक आकर्षित साइकिल के स्टाल करेंगे। क्योंकि समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल है और उसी के बहाने उन्होंने दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन भी कर दिया है।
जेएंडके का शान से मेले में आगाज
धरती की जन्नत कहे जाने वाला कश्मीर सैलाब के बाद भी ट्रेड फेयर में शिरकत करने पहुंच गया है। यहां दर्शकों को सैलाब की अनदेखी तस्वीरें भी देखने को मिलेगी, जोकि कश्मीरियों का दर्द भी बयां करेंगी कि पानी में उनकी जिंदगी भर की जमा पूंजी बह और बर्बाद हो गई। इसके अलावा कहवा, बादाम, केसर समेत कश्मीरी सूट, साड़ी व सजावट का सामान भी उपलब्ध होगा। पहले दिन जम्मू कश्मीर सरकार के कमिश्नर सेक्रेटरी खर्शिद अहमद भी विशेष दौरे पर पहुंचे थे।
राष्ट्रपति के कार्यक्रम में विदेशी मेहमान बेहोश
राष्ट्रपति के कार्यक्रम में भारतीय मूल के फिनलैंड निवासी कुलदीप सिंह भी विशेष तौर पर शिरकत करने पहुंचे थे। अभी प्रोग्राम शुरू हुए कुछ समय हुआ था कि थियेटर के अंदर उनकी तबीयत खराब हो गई। वे जैसे ही बाहर पहुंचे, बेहोश होकर गेट पर गिर पड़े। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल उन्हें एंबुलेंस में अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी तबीयत अब ठीक है।
हिमाचली संस्कृति संग चंबा रुमाल का लाइव डेमो
हिमाचल पवेलियन में देश के सबसे ऊंचे गांव की-गोंपा समेत प्रसिद्ध पर्यटक स्थल के कटऑउट लगाए हैं। यहां पर महिलाएं चंबा की खड्डी पर किन्नौरी शॉल और चंबा रुमाल की बारीक कढ़ाई करके दिखाएंगी। इसके अलावा अचार, मुरब्बे समेत सर्दियों के उत्पाद भी रखे गए हैं।