दिल्ली के दंगल में उतरेंगी राष्ट्रपति की बेटी
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी दिल्ली विधानसभा चुनाव में ग्रेटर कैलाश से चुनाव लड़ सकती हैं। शर्मिष्ठा जब से कांग्रेस में शामिल हुई हैं, उस वक्त से उनके लिए एक सुरक्षित सीट खंगाली जा रही थी। शर्मिष्ठा इसी साल कुछ महीनों पहले कांग्रेस की सदस्यता ले चुकी हैं।
बिजली मंहगाई और जमीनी प्रदर्शनों में शामिल होने वाली शर्मिष्ठा आने वाले दिल्ली विधान सभा के चुनावों से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकती हैं। शर्मिष्ठा दिल्ली की जनता से जुड़ने के लिए बिजली-पानी के प्रदर्शनों में नजर आ चुकी हैं।
ऐसे में हो सकता है आने वाले समय में उन्हें दिल्ली में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पेशे से प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना शर्मिष्ठा मुखर्जी को ग्रेटर कैलाश से टिकट मिल सकता है। दक्षिणी दिल्ली के बच्चें से जुड़े अभियान 'गिव बैक आवर प्लेग्राउंड" से भी शर्मिष्ठा जुड़ी रही हैं। शर्मिष्ठा ने चुनाव लड़ने के लिए इस सीट से कांग्रेस को एक एप्लीकेशन भेज दी है।
ग्रेटर कैलाश विधानसभा का गणित
चुनाव लड़ने की खबरों के बीच शर्मिष्ठा ने ग्रेटर कैलाश कांग्रेस सपोटर्स, और कांग्रेस से समबन्धित ग्रुप्स की मीटिंग्स में हिस्सा लेना शुरु कर दिया है। शर्मिष्ठा कहती है कि अगर पार्टी मुझे इस क्षेत्र से टिकट देती है तो मैं इस तरह की कैम्पेन का लगातार हिस्सा बनती रहूंगी। हमारा उद्देश्य इस सीट से कांग्रेस को जिताना है।
ग्रेटर कैलाश 1 और 2, पंचशील पार्क, सीआर पार्क, के अलावा कुछ अर्धशहरी क्षेत्र शाहपुर जाट, जामरुदपुर, चिराग दिल्ली जैसे क्षेत्र ग्रेटर कैलाश विधान सभा सीट में आते हैं।
इस सीट के कुछ क्षेत्र पर बीजेपी की भी मजबूत पकड़ है। 2013 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी ये सीट छीनकर अपना कब्जा जमा लिया था। आप से इस सीट पर जीते सौरभ भारद्वाज को आप की 49 दिन की सरकार में 6 मंत्रियों में जगह मिली थी और इन्हें परिवहन से सम्बन्धित कार्यभार सौंपा गया था। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिल्ली के चुनाव में सौरभ भारद्वाज फिर से आप के उम्मीदवार हो सकते हैं।
2013 में इस क्षेत्र की क्या थी स्थिति
2013 के विधान सभा चुनाव में तत्कालीन बीजेपी विधायक विजय कुमार मल्होत्रा ने ये सीट अपने बेटे अजय मल्होत्रा के लिए खाली कर दी थी। अजय के लिए विरासत में मिली सीट भाग्यशाली नहीं रही और इस चुनाव में इन्हें बड़े अंतर से हार का मुंह देखना पड़ा। 60 प्लस का लक्ष्य रख चुकी बीजेपी इस सीट से किसी मजबूत उम्मीदवार की तलाश कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक पूर्व दिल्ली मेयर आरती मेहरा, पूर्व दक्षिण दिल्ली मेयर सरिता चौधरी, पूर्व विधायक विजय जौली, पार्टी वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी की बेटी प्रतिभा और पार्टी के आरडब्ल्यूए कोष्ठ के प्रमुख पंकज वाधवान जैसे नाम इस सीट के टिकट की दौड़ में हैं।
इसके अलावा कांग्रेस के पास शर्मिष्ठा मुखर्जी के साथ दो और सभासद वीरेन्द्र कसाना और जितेन्द्र कोच्चर के नाम इस सीट से विकल्प के रुप में हैं।