{"_id":"65a54a1b30973bd34e0a586a","slug":"preparations-started-to-run-metro-from-noida-sector-62-to-sahibabad-ghaziabad-2024-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: नोएडा से साहिबाबाद तक दौड़ेगी मेट्रो, निर्माण पर खर्च किए जाएंगे 1873 करोड़ रुपये; बनेंगे ये पांच स्टेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: नोएडा से साहिबाबाद तक दौड़ेगी मेट्रो, निर्माण पर खर्च किए जाएंगे 1873 करोड़ रुपये; बनेंगे ये पांच स्टेशन
Mon, 15 Jan 2024 08:38 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: श्याम जी.
Updated Mon, 15 Jan 2024 08:38 PM IST
सार
नोएडा सेक्टर-62 से सीआईएसएफ रोड होते हुए मेट्रो को सड़क के बीच पिलर्स बनाकर कनावनी तक लाया जाएगा। इसके बाद वसुंधरा में इंदिरापुरम थाने की ओर रूट को मोड़ दिया जाएगा। कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो जाने पर गाजियाबाद व साहिबाबाद से नोएडा आना-जाना आसान हो जाएगा।
विज्ञापन
दिल्ली मेट्रो
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नोएडा सेक्टर-62 से साहिबाबाद तक मेट्रो को दौड़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। डीएमआरसी ने 5.017 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को सौंप दी है। तीसरे चरण में बनने वाले मेट्रो के इस कॉरिडोर के निर्माण पर 1873.31 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो जाने पर गाजियाबाद व साहिबाबाद से नोएडा आना-जाना आसान हो जाएगा।
विज्ञापन
नोएडा सेक्टर-62 से सीआईएसएफ रोड होते हुए मेट्रो को सड़क के बीच पिलर्स बनाकर कनावनी तक लाया जाएगा। इसके बाद वसुंधरा में इंदिरापुरम थाने की ओर रूट को मोड़ दिया जाएगा। जनसत्ता अपार्टमेंट के पास से वसुंधरा सेक्टर-7 होते हुए यह कॉरिडोर साहिबाबाद गांव के सामने लिंक रोड तक पहुंचेगा। सड़क के एक तरफ आरआरटीएस का साहिबाबाद स्टेशन होगा और दूसरी ओर मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा। दोनों ट्रेनों के स्टेशनों को जोड़ने के लिए फुटओवर ब्रिज बनाया जाएगा।
विज्ञापन
इसके जरिए एक ट्रेन से उतरकर लोग दूसरी ट्रेन में सफर करने के लिए स्टेशन तक आसानी से पहुंच सकेंगे। जीडीए के मुख्य अभियंता मानवेंद्र सिंह ने बताया कि मेट्रो के तीसरे फेज की डीपीआर को अब जीडीए उपाध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। फंडिंग का इंतजाम होने के बाद मेट्रो के इस कॉरिडोर के निर्माण पर काम शुरू होगा। मेट्रो के इस कॉरिडोर की लागत करीब 356 करोड़ रुपये बढ़ गई है। करीब पांच साल पहले डीएमआरसी ने इसके लिए 1517 करोड़ की डीपीआर बनाई थी।
विज्ञापन
अधिकारियों से वार्ता करेंगे उपाध्यक्ष
जीडीए उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह का कहना है कि मेट्रो कॉरिडोर पर खर्च होने वाली 1873.31 करोड़ की धनराशि में केंद्र और यूपी सरकार की ओर से हिस्सेदारी होगी। यूपी सरकार की ओर से जीडीए और आवास विकास परिषद फंड खर्च करेगा। 20 फीसदी रकम केंद्र सरकार खर्च करेगी। बाकी 80 फीसदी में से 40-40 फीसदी रकम खर्च करने के लिए आवास विकास परिषद से सहमति का प्रयास किया जाएगा। यानी 1873.31 करोड़ की धनराशि में से 374.66 करोड़ केंद्र सरकार और 1500 करोड़ रुपये आविप व जीडीए बराबर हिस्सेदारी में खर्च करेंगे।
7690 वर्गमीटर निजी जमीन की पड़ेगी जरूरत
मेट्रो के थर्ड फेज के कॉरिडोर में कुल 26,691 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसमें से 19001 वर्गमीटर जमीन सरकारी विभागों की है, जबकि 7690 वर्गमीटर जमीन निजी लोगों की है। ऐसे में प्राइवेट लोगों को मुआवजा देकर यह जमीन खरीदनी होगी। हालांकि जीडीए अधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट जमीन खरीदने की बजाय वह स्टेशनों के प्रवेश और निकास के रास्ते इस तरह से बनाएंगे, ताकि बिना जमीन खरीदे ही काम चल जाए।
यह पांच स्टेशन बनेंगे
- वैभव खंड, इंदिरापुरम
- डीपीएस इंदिरापुरम
- शक्तिखंड इंदिरापुरम
- वसुंधरा सेक्टर-7
- साहिबाबाद