फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Preparation for cancellation of notification Hi tech city, relief for farmers of 18 villages

हाइटेक सिटी के बिल्डरों को झटका देने की तैयारी, 18 गांवों के किसानों को मिलेगी राहत

Thu, 14 Feb 2019 03:43 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: Priyesh Mishra Updated Thu, 14 Feb 2019 03:43 AM IST
विज्ञापन
Preparation for cancellation of notification Hi tech city, relief for farmers of 18 villages
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण
एनएच-9 से सटी हाइटेक सिटी योजना के बिल्डरों को शासन से झटका लग सकता है। योजना के आसपास के करीब 18 गांवों के किसानों को बिल्डरों के चंगुल से छुटकारा मिल सकता है। शासन की ओर से योजना पर ब्रेक लगाने के लिए अधिसूचना को रद्द करने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन


हाइटेक सिटी की अधिसूचना रद्द करने के बाबत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 18 फरवरी को अहम बैठक होगी। बैठक  में अधिसूचना को अगर रद्द किया जाता है तो किसानों को बड़ी राहत मिलने के साथ अपनी जमीन बेचने को अधिकार मिल जाएगा। 
विज्ञापन

 
हाइटेक सिटी में नायफल, बनाया, काजीपुर, इकला, रघुनाथपुर, महरौली सहित अन्य गांव शामिल हैं। हाइटेक व इंटीग्रेटेड टाउनशिप के बाबत शासन की ओर से बीते साल विस्तृत सूचना मांगी गई थी। प्राधिकरण ने इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाइटेक सिटी में वेव सिटी और सन सिटी को करीब एक लाख भवनों का निर्माण करना था, लेकिन योजना में अब तक बिल्डरों की ओर से जमीन को अधिग्रहीत करने की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकती है। हाइटेक सिटी की अधिसूचना के चलते विभिन्न गांवों के किसान परेशान हैं।

न तो किसान जमीन पर कोई निर्माण कर सकते हैं, और न ही किसी अन्य बिल्डर को जमीन बेची जा सकती है। वेव सिटी की ओर से जमीन नहीं खरीदे जाने से किसान फंस गए हैं। हाइटेक सिटी की योजना के बाबत पूर्व मंडलायुक्त प्रभात कुमार ने अब तक खरीदी गई जमीन को रोककर बाकी किसानों की जमीन की अधिसूचना रद्द करने की शासन को सलाह दी थी। इसके बाद शुरू हुई कार्रवाई के बाद 18 फरवरी को लखनऊ में होने वाली बैठक में बड़ा फैसला हो सकता है। 

वेव सिटी में 50 तो सन सिटी में 80 फीसदी किसानों की जमीन फंसी

हाईटेक सिटी के अंतर्गत वेव सिटी में 50 फीसदी और सन सिटी में 80 फीसदी किसानों की जमीन खरीद की प्रक्रिया बिल्डरों ने पूरी नहीं की है। वेव सिटी में 4494 एकड़ जमीन को बिल्डर द्वारा खरीदा जाना था, लेकिन अब तक  केवी 2850 एकड़ जमीन की खरीद प्रक्रिया पूरी हो सकी है। दूसरी ओर सन सिटी में काम की प्रगति तो और धीमी है। सन सिटी में बिल्डर को 4312 एकड़ जमीन खरीदनी थी, लेकिन बब तक 671 एकड़ जमीन की खरीदी जा सकी है। दूसरी ओर बिल्डरों को हाइटेक  सिटी के लिए दिया गया लाइसेंस में एक्सपायर होने के बाद 2017 में उसे रिन्यू किया गया। अब लाइसेंस को आगे बढ़ाने या न बढ़ाने पर फैसला हो सकता है।

हाइटेक सिटी योजना की समीक्षा को 18 फरवरी को अहम बैठक है। योजना में बिल्डर द्वारा खरीदी गई जमीन के बाद बाकी की अधिसूचना रद्द करने के बाबत शासन स्तर से निर्णय लिया जा सकता है। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए

वेव सिटी से प्रभावित किसानों ने जीडीए पर किया धरना-प्रदर्शन
वेव सिटी से प्रभावित किसानों का बीते तीन माह से कचैड़ा गांव में धरना प्रदर्शन जारी है। वेव सिटी से प्रभावित गांवों के किसानों की मांगे पूरी नहीं होने और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण पर वेव सिटी के अपनी डीपीआर को अनुचित तरीके से बोर्ड बैठक में पास कराने की तैयारी के खिलाफ किसानों जीडीए गेट पर बुधवार को धरना प्रदर्शन किया।

किसानों के धरना प्रदर्शन मे महिलाओं ने भी भाग लिया। फिर जीडीए उपाध्यक्ष की ओर से हाइटेक सिटी के बाबत शासन स्तर से जल्द फैसला होने और बोर्ड बैठक में प्रस्ताव नहीं रखने के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। धरना प्रदर्शन में धीरज नगर, प्रकाश सिंह, बाली सिंह, रिंकू नागर, पूर्व छात्रसंघ नेता कुलदीप नागर, सतवीर नागर, यशपाल सिंह, बाली, नरेंद्र सिंह, दिनेश नागर, रामधन शर्मा, चरन सिंह किसान मौजूद रहे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed