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Delhi NCR News: स्पेनिश पैरा बैडमिंटन में प्रमोद भगत ने जीते तीन पदक, भारत का रहा दबदबा
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सनी सिंह
नई दिल्ली। स्पेन के टोलेडो में आयोजित स्पैनिश पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 (लेवल-1) में भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का परचम लहराया। इसमें पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर भारतीय दल की अगुवाई की है।
मिक्स्ड डबल्स वर्ग में प्रमोद भगत और मनीषा रामदास की जोड़ी ने बेहतरीन तालमेल और आत्मविश्वास के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने भारत के ही नितेश कुमार और थुलसीमति मुरुगेसन को 21-15, 24-22 से हराकर खिताब जीता। दूसरे गेम में कड़े संघर्ष के बीच भगत और मनीषा ने दबाव में भी संयम बनाए रखा और जीत दर्ज की।
पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में प्रमोद भगत को अपने ही साथी नितेश कुमार के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। लेकिन 10-21, 17-21 से हारकर रजत पदक हासिल किया। वहीं पुरुष युगल वर्ग में सुकांत कदम के साथ उनकी जोड़ी फाइनल तक पहुंची, जहां नवीन शिवकुमार और सूर्यकांत यादव की जोड़ी ने 21-16, 12-21, 21-15 से हराकर उन्हें रजत पदक पर रोक दिया।
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प्रमोद भगत ने कहा कि टोलेडो में एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीतना उनके लिए गर्व की बात है। भारत का कुल प्रदर्शन भी शानदार रहा। नितेश कुमार ने पुरुष एकल में स्वर्ण जीता, जबकि मानसी जोशी और थुलसीमति मुरुगेसन ने महिला युगल में स्वर्ण पदक हासिल किया। थुलसीमति ने महिला एकल में भी स्वर्ण जीता और मनीषा रामदास ने रजत पदक अपने नाम किया। यह जीत देश के लाखों दिव्यांग खिलाड़ियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।
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नई दिल्ली। स्पेन के टोलेडो में आयोजित स्पैनिश पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026 (लेवल-1) में भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का परचम लहराया। इसमें पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर भारतीय दल की अगुवाई की है।
मिक्स्ड डबल्स वर्ग में प्रमोद भगत और मनीषा रामदास की जोड़ी ने बेहतरीन तालमेल और आत्मविश्वास के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने भारत के ही नितेश कुमार और थुलसीमति मुरुगेसन को 21-15, 24-22 से हराकर खिताब जीता। दूसरे गेम में कड़े संघर्ष के बीच भगत और मनीषा ने दबाव में भी संयम बनाए रखा और जीत दर्ज की।
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पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में प्रमोद भगत को अपने ही साथी नितेश कुमार के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। लेकिन 10-21, 17-21 से हारकर रजत पदक हासिल किया। वहीं पुरुष युगल वर्ग में सुकांत कदम के साथ उनकी जोड़ी फाइनल तक पहुंची, जहां नवीन शिवकुमार और सूर्यकांत यादव की जोड़ी ने 21-16, 12-21, 21-15 से हराकर उन्हें रजत पदक पर रोक दिया।
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प्रमोद भगत ने कहा कि टोलेडो में एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीतना उनके लिए गर्व की बात है। भारत का कुल प्रदर्शन भी शानदार रहा। नितेश कुमार ने पुरुष एकल में स्वर्ण जीता, जबकि मानसी जोशी और थुलसीमति मुरुगेसन ने महिला युगल में स्वर्ण पदक हासिल किया। थुलसीमति ने महिला एकल में भी स्वर्ण जीता और मनीषा रामदास ने रजत पदक अपने नाम किया। यह जीत देश के लाखों दिव्यांग खिलाड़ियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।