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विदेशों में हिट हो रहा प्रेम प्रकाश मित्तल का फॉर्मूला
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 18 Feb 2016 01:47 PM IST
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फरीदाबाद। ऊर्जा ऑडिटर प्रेम प्रकाश मित्तल(65) रेलवे, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम(यूएनडीपी), विश्व बैंक जैसी बड़ी संस्थाओं से लेकर स्कूलों तक को अपनी सेवाएं देकर देश में करीब 20 लाख किलोवाट प्रतिघंटे ऊर्जा की बचत करा रहे हैं।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से 2007 में कार्यकारी अभियंता पद से रिटायर हुए पीपी मित्तल ने विभाग में रहते ऊर्जा की बर्बादी और उसके बचाव पर काफी काम किया था।
रिटायरमेंट के बाद इसका लाभ देश को देने के लिए उन्होंने फरवरी 2009 में एनर्जी इंजीनियर्स के नाम से कंस्लटेंसी संस्था कायम की।
रेलवे, देश के कई पंाच सितारा होटल और डीपीएस (स्कूल ग्रुप) की ओर से ऊर्जा खपत का आकलन और संरक्षण का प्रोजेक्ट तैयार करने का काम मिला तो दो साल में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई।
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2009 में उन्होंने ए-जेड एनर्जी इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड का गठन किया। इसके बाद से उनकी कंपनी ने मुड़ कर नहीं देखा। विश्व बैंक की ओर से ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी दो कंपनियों का अध्ययन और प्रोजेक्ट बनाने का जिम्मा उन्हें सौंपा गया।
पांच साल के छोटे से समय में उनकी कंपनी ने रेलवे (रेल कोच फैक्ट्री, पावर सब स्टेशन, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, कमर्शियल बिल्डिंग) के अलावा ताप विद्युत ऊर्जा गृह (गुजरात), कागज उद्योग, खाद उत्पादक कंपनियां, तापभट्टी, सीमेंट उद्योग, कपड़ा उद्योग, चीनी मिल, पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, हरेडा, बैंक, अस्पताल, स्कूल, होटल आदि संस्थाओं के लिए ऊर्जा संरक्षण की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने भी उनकी सेवाएं ली हैं।
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दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से 2007 में कार्यकारी अभियंता पद से रिटायर हुए पीपी मित्तल ने विभाग में रहते ऊर्जा की बर्बादी और उसके बचाव पर काफी काम किया था।
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रिटायरमेंट के बाद इसका लाभ देश को देने के लिए उन्होंने फरवरी 2009 में एनर्जी इंजीनियर्स के नाम से कंस्लटेंसी संस्था कायम की।
रेलवे, देश के कई पंाच सितारा होटल और डीपीएस (स्कूल ग्रुप) की ओर से ऊर्जा खपत का आकलन और संरक्षण का प्रोजेक्ट तैयार करने का काम मिला तो दो साल में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई।
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2009 में उन्होंने ए-जेड एनर्जी इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड का गठन किया। इसके बाद से उनकी कंपनी ने मुड़ कर नहीं देखा। विश्व बैंक की ओर से ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी दो कंपनियों का अध्ययन और प्रोजेक्ट बनाने का जिम्मा उन्हें सौंपा गया।
पांच साल के छोटे से समय में उनकी कंपनी ने रेलवे (रेल कोच फैक्ट्री, पावर सब स्टेशन, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, कमर्शियल बिल्डिंग) के अलावा ताप विद्युत ऊर्जा गृह (गुजरात), कागज उद्योग, खाद उत्पादक कंपनियां, तापभट्टी, सीमेंट उद्योग, कपड़ा उद्योग, चीनी मिल, पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, हरेडा, बैंक, अस्पताल, स्कूल, होटल आदि संस्थाओं के लिए ऊर्जा संरक्षण की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने भी उनकी सेवाएं ली हैं।