प्रद्युम्न हत्याकांडः 18 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में आरोपी, मालिकों से मुंबई में पूछताछ
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प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में आज एक बड़ा दिन है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद रायन स्कूल के मालिकों की गिरफ्तारी पर एक दिन की रोक लगा दी है। इसके साथ ही मुंबई में हरियाणा पुलिस पिंटो परिवार(रायन ग्रुप के मालिकान) से पूछताछ कर रही है।
वहीं इस मामले में आरोपी बस कंडक्टर अशोक को तीन दिन की पुलिस रिमांड के बाद आज अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 18 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है। आरोपी अशोक को 18 सितंबर को गुरुग्राम के सेशन कोर्ट में पेश किया जाएगा।
#Pradyuman death case: Main accused sent to judicial custody. He will be to be produced in #Gurugram special court on Sep 18
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 12, 2017
Mumbai: 2 officials of Haryana Police are questioning management of #RyanInternationalSchool (Kandivali) over #Pradyuman's murder.
— ANI (@ANI) September 12, 2017
चार दिन बाद आज रायन गुरुग्राम में हुए हत्याकांड के बाद इसकी आंच आज मुंबई भी पहुंच गई। बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंतित अभिभावकों ने आज नवी मुंबई स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल की ब्रांच के बाहर प्रदर्शन किया और सेफ्टी मेसर की जानकारी ली।
Parents protest at #RyanInternationalSchool in Navi Mumbai questioning safety of students after death of 7-year-old in #Gurugram branch pic.twitter.com/nFz9Y64V2K
— ANI (@ANI) September 12, 2017
बता दें कि रायन ग्रुप के सीईओ पिंटो ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिस पर आज सुनवाई हुई। बता दें कि ऑगस्टिन, ग्रेस और रायन पिंटो ने यह याचिका सोमवार को दायर की थी।
#RyanInternationalSchool student murder case: Augustine Pinto and Grace Pinto given interim protection from arrest till tomorrow.
— ANI (@ANI) September 12, 2017
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में आज महिला वकीलों द्वारा दायर याचिका पर भी सुनवाई होनी है। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी स्कूलों की सुरक्षा को लेकर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई करेगी।
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि ट्रस्टी समूह के डॉ. ऑगस्टिन फ्रांसिस पिंटो (73) और ग्रेस पिंटो (62) पिछले 40 वर्षों से ज्यादा वक्त से शिक्षा के क्षेत्र में हैं।
प्रद्युम्न हत्या मामले में केंद्र व हरियाणा सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्न हत्या मामले में पिता द्वारा स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिशि्चित करने की गुहार संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार, सीबीआई आदि को नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह मसला सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं बल्कि यह पूरे देश के स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मसला है।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने मृतक प्रद्युम्न के पिता की याचिका पर मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय, हरियाणा सरकार, हरियाणा केपुलिस महानिदेशक, सीबीआई और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) को नोटिस जारी करते हुए तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने केलिए कहा है।
साथ ही पीठ ने यह साफ किया कि है कि सुनवाई सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं होगी। पीठ ने कहा है यह देश के सभी स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा मसला है ऐसे में इसकी सुनवाई और इसके फैसले का प्रभाव पूरे देश पर पड़ेगा।
प्रद्युम्न केपिता वरूण ठाकुर ने अपनी याचिका में कहा है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। अदालत को इस मामले में दखल देकर दिशानिर्देश जारी कर स्कूल को बच्चों की सुरक्षा की जवाबदेही सौंपी जानी चाहिए।
स्कूल परिसर में अगर इस तरह की कोई घटना होती है तो स्कूल प्रशासन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की गुहार की है
याचिका में यह भी कहा गया कि सेवानिवृत्त जजों की एक कमेटी का गठन कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है। सोमवार को सुनवाई केदौरान दर्शक दीर्घा में वरूण ठाकुर भी मौजूद थे। मालूम हो कि प्रद्युम्न हत्या मामले में स्कूल के एक बस कंडेक्टर अशोक को गिरफ्तार किया है। पुलिस केमुताबिक, अशोक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
दो दिन के रिमांड पर रायन के दो शीर्ष अधिकारी
पुलिस ने रायन इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न हत्या कांड मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश कर दिया है। अदालत में दोनों आरोपियों को दो दिन का रिमांड पर लिए जाने के आदेश जारी करके पुलिस को सौंप दिया है।
इस मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल व मीडियाकर्मी मौजूद थे। अदालत में पेश करने के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को अपने साथ ले गई है। अदालत में पेश होने से पूर्व दोनों आरोपियों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई थी। पुलिस ने आरोपियों से बातचीत करने के लिए किसी को भी फटकने नहीं दिया।
करीब दोपहर सवा दो बजे दोनों आरोपियों रीजनल हेड फ्रांसिस थॉमस और एचआर हेड जीयस थॉमस को भारी पुलिस बल की निगरानी में सोहना स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट एमके जकरिया की अदालत में पेश किया गया। अदालत परिसर पुलिसकर्मियों व मीडिया प्रतिनिधियों से भरा था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किसी से भी बातचीत करने का मौका नहीं दिया तथा आनन-फानन में दोनों को अदालत में पेश कर दिया। अदालती कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अदालत से आरोपियों से महत्वपूर्ण खुलासा करने के लिए तीन दिन रिमांड के लिए समय की मांग की थी किन्तु अदालत ने दो दिन तक रिमांड लिए जाने के आदेश दे दिए।
बता दें कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस एक्स की धारा -75 के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले की जांच के लिए पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवाल ने एसआईटी गठित कर दी है। जिसमें डीसीपी अशोक बक्शी, दो एसीपी क्र्तमश: विरम सिंह व तान्या के अलावा पांच इंस्पेक्टर व दो लेडिज सब-इंस्पेक्टर है।