आरोपी छात्र ने बदला बयान, कहा- मैंने प्रद्युम्न को नहीं मारा, मुझसे जबरन कबूल करवाया
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हर गुजरते दिन के साथ प्रद्युम्न हत्याकांड सुलझने की बजाय और उलझता जा रहा है। अब आरोपी के एक बयान से इस केस में एक नया मोड़ आ गया है जो सीबीआई को परेशान करने के लिए काफी है।
दैनिक भास्कर अखबार के अनुसार, सीबीआई द्वारा आरोपी बनाया गया 11वीं का छात्र अब अपने पहले के बयान से मुकर गया है। गौरतलब है कि सीबीआई द्वारा जेजे बोर्ड को छात्र रिमांड पाने के लिए जो कॉपी दी थी उसमें उन्होंने लिखा था कि छात्र ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। लेकिन अब छात्र का जो बयान आ रहा है वो इसके ठीक उलट है।
आरोपी छात्र ने सीबीआई के अधिकारियों की एक टीम और जिला बाल सुरक्षा इकाई की एक टीम को बताया है कि उसपर गुनाह कबूल करने के लिए दबाव डाला गया था।
मुझे सीबीआई ने प्रताणित किया
आरोपी छात्र ने कहा कि सीबीआई टीम ने उसे बुरी तरह मारा और जबरदस्ती उसका बयान दर्ज किया है। इसके साथ ही उसने सीबीआई की टीम पर ये भी आरोप लगाया है कि उन्होंने उसे बहुत प्रताड़ित किया और गालियां भी दी। उसे सीबीआई ने धमकी दी कि जुर्म कबूल करो वरना तुम्हारे परिवार को मार देंगे।
बता दें कि सोमवार को सीबीआई अधिकारी और सीपीडब्ल्यूओ की रेनू सैनी ने आरोपी से ऑब्जर्वेशन होम जाकर करीब दो घंटे तक मुलाकात की।
आरोपी ने अपने दावे में ये भी कहा है कि सीबीआई की थ्योरी और जिस आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है वह बिल्कुल अलग है। उसने अधिकारियों को बताया कि उसने प्रद्युम्न की हत्या नहीं की बल्कि उससे जबरन गुनाह कबूल करवाया गया।
मेरा बेटा मानसिक तौर पर स्वस्थ्य: आरोपी के पिता
प्रद्युम्न हत्याकांड में आरोपी 11वीं कक्षा के छात्र के पिता ने सफाई देते हुए कहा कि उनका बेटे का मानसिक तौर से स्वस्थ है। उसका कही पर भी कोई इलाज नहीं चल रहा है। न ही वह किसी तरह के नशे का आदि है। कभी ड्रग्स नहीं लिया।
बेवजह उनके बेटे को सीबीआई फंसा रही है। बता दें कि सीबीआई द्वारा प्रद्युम्न हत्या मामले में हिरासत मे ंलिए जाने के बाद उसकी मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए थे। सीबीआई का कहना था कि आरोपी छात्र की मनोस्थिति ठीक नहीं है।
आरोपी के पिता ने कहा कि उसके बेटे के बारे में कहा जा रहा है कि वह दिमागी रूप से सही नहीं है। मैं पूछना चाहता हूं कि उसका कहां पर इलाज चल रहा था? कोई पर्ची या कोई दवाई कहीं तो दिखाई जाए।
मेरे बेटे को ड्रग्स का मतलब भी नहीं पता
अब तो बच्चा सीबीआई के पास है। अब उसका इलाज कहा कराए जा रहा हैं। आरोपी के पिता का दावा है कि बेटे पर बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं। जबरदस्ती उसे हिरासत में ले लिया। सीबीआई की तरफ से जो बातें कहीं जा रही है उनका दूर-दूर तक भी कोई लेना देना नहीं है।
पिता का कहना है कि मेरे बेटे के बारे में कहा जा रहा है कि वह ड्रग्स लेता है। जबकि उसे ड्रग्स का मतलब भी नहीं पता। वह एक बच्चे को इंसाफ दिलाने के लिए निकले थे लेकिन उल्टा उन्हें ही फंसा दिया गया।
आरोपी के पिता ने यह भी कहा कि उनके बारे में काफी बेबुनियादी बातें हो रही है। कानून पर पूरा भरोसा है और वह कानूनी पूरी लड़ाई लड़ेंगे। अपने बेटे का इंसाफ दिलवाकर रहेंगे।