दिल्ली पुलिस को मिले 964 नए सिपाही, 347 ग्रेजुएट और एक LLB का भी हुआ चयन
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दिल्ली पुलिस में 964 सिपाही भर्ती किए गए हैं। इनमें से 25 पोस्टग्रेजुएट, 347 ग्रेजुएट, एक एलएलबी और आठ बीएड व 478 सिपाही 12वीं पास हैं। शुक्रवार को झाड़ौदा स्थित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में दिल्ली पुलिस में भर्ती किए गए सिपाहियों के के लिए पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू रहे।
पासिंग आउट परेड में शामिल कुल 964 सिपाहियों में 202 महिलाएं हैं। इसमें राजस्थान से 53, हरियाणा से 139, दिल्ली से 107, उत्तर प्रदेश से 116, त्रिपुरा से 42, असम से 86, मिजोरम से 165, नागालैंड से 68, सिक्किम से 46, अरुणाचल प्रदेश से 46, मणिपुर से 49, मेघालय से 31, उत्तराखंड से तीन, पंजाब व केरल से दो-दो, हिमाचल, बिहार और आंध्र प्रदेश से एक एक शामिल हैं। वहीं, दमन व दीव और दादर व नगर हवेली के 105 के सिपाही पासिंग आउट परेड में शामिल हुए।
पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस महकमे में अनुशासन का सबसे अहम स्थान है। अगर कोई शिकायत हो तो उसे अपने आला अधिकारियों से बात कर सुलझाना चाहिए।
'दिल्ली पुलिस में दिखे भारत के सभी हिस्सों का प्रतिनिधित्व'
रिजिजू ने कहा कि अपनी शिकायत को आला अधिकारियों को नहीं बताकर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से दर्ज करवाते हैं तो इससे पूरे संगठन की बदनामी होती है।
किरण रिजिजू ने कहा कि तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महानगरों के पुलिस बल के स्वरूप को अखिल भारतीय करने की बात कही थी। इससे भारत के सभी हिस्सों का प्रतिनिधित्व दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए काफी खुशी हो रही है कि दिल्ली पुलिस देश की पहली ऐसी पुलिस बनने जा रही है जो प्रधानमंत्री की बात साकार कर रही है।
उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली है कि जिस बैच का पासिंग आउट परेड हो रहा है उसमें देश के 17 राज्यों के युवा शामिल हैं। इस बैच में 25 फीसदी महिलाओं को स्थान मिला है। साथ ही यह बैच इसलिए और भी महत्वपूर्ण है कि इसमें पूर्वोत्तर राज्य के युवाओं को जगह मिली है।