बिना इजाजत पोस्टर लगाने पर होगा केस, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दिया बयान
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दिल्ली पुलिस ने पोस्टर इत्यादि लगाकर निजी संपत्तियों को खराब करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया है कि ऐसे लोगों पर संपत्ति विकरण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मुकदमा चलाया जाएगा।
न्यायाधीश बीडी अहमद व न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की खंडपीठ के समक्ष दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने यह जानकारी दी। याचिका सेवानिवृत्त सेना अधिकारी ने दायर की है।
याची के मुताबिक, आवासीय भवनों पर बिना अनुमति के विज्ञापन, होर्डिंग, बैनर, पोस्टर और होर्डिंग नीति लगाना तय नीति व कानून का उल्लंघन है।
दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता ने खंडपीठ को बताया कि कानूनी सेल ने एक मेमो जारी कर दिया है कि संपत्ति के विकरण के मामले में संपत्ति अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
बगैर पुलिस कार्रवाई के रोक संभव नहीं
इससे पूर्व तीनों एमसीडी ने कोर्ट को बताया था कि राजधानी में अवैध होर्डिंग को बिना पुलिस की कार्रवाई के रोकना संभव नहीं है। एमसीडी ने कहा था कि जहां तत्काल कार्रवाई के लिए आवश्यक था, वे शिकायतें दिल्ली पुलिस के पास भेज दी गई थीं लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद अदालत ने पुलिस को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब तलब किया था। पिछले वर्ष मई में कोर्ट ने एमसीडी को वर्ष 2007 की आउटडोर विज्ञापन नीति का उल्लंघन कर लगाए गए सभी होर्डिंग, बिलबोर्ड, बैनर इत्यादि को हटाने का निर्देश दिया था।
अदालत ने एमसीडी को अनधिकृत रूप से लगे सभी होर्डिंग को हटाकर अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा था। मामले की सुनवाई 16 नवंबर को होगी।