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मेट्रो पिलर पर लगे भद्दे पोस्टर खूबसूरती पर लगा रहे ग्रहण, DMRC के नियम भी बेकार

Sun, 22 Apr 2018 08:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 22 Apr 2018 08:33 AM IST
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posters on the metro pillar are affected beauty in noida, DMRC rules also useless

शहर की सूरत को बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। अतिक्रमण और अवैध पार्किंग ही नहीं, बल्कि शहर की शान कहलाने वाली मेट्रो के पिलर भी आमदनी का जरिया बन गए हैं। पिलरों पर लगे भद्दे पोस्टर मेट्रो की खूबसूरती पर ग्रहण लगा रहे हैं, लेकिन इससे निपटने की योजना न तो दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के पास है और न ही नोएडा प्राधिकरण के पास।

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हालांकि, दिल्ली में वर्टिकल गार्डन का फॉर्मूला अपनाकर मेट्रो के पिलर खूबसूरत बना दिए गए हैं। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार गाजियाबाद भी मेट्रो पिलर के जरिये हरियाला का संदेश देने जा रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश के शो विंडो कहे जाने वाले नोएडा में हालात खराब हैं।
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डीएमआरसी के नियम भी बेकार
डीएमआरसी की विज्ञापन नीति है और उसकी संपत्ति पर अवैध तरीके से विज्ञापन या पोस्टर लगाने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। कुछ साल पहले डीएमआरसी की तरफ से केस दर्ज कराए गए थे, लेकिन पोस्टर माफिया पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा। अवैध विज्ञापन व पोस्टरबाजी के लिए मेट्रो के पिलर सबसे मुफीद बने हैं।

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खर्च से बचने को खींच रहे हाथ

posters on the metro pillar are affected beauty in noida, DMRC rules also useless

मेट्रो के एक पिलर पर वर्टिकल गार्डन विकसित करने का खर्च दो से तीन लाख रुपये आता है, लेकिन भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। हालांकि, यात्रियों की जेब पर भारी-भरकम किराये का बोझ डालने वाली डीएमआरसी ने ही नहीं नोएडा को स्मार्ट बनाने का ख्वाब दिखा रहे नोएडा प्राधिकरण ने भी खर्च से बचने को हाथ खींच रखे हैं। 
गाजियाबाद से लें सबक
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने प्रदूषण को कम करने के लिए अपने स्तर पर मेट्रो पिलरों को वर्टिकल गार्डन से ढकने का फैसला लिया है। दिलशाद गार्डन से बस अड्डे तक मेट्रो पिलर पर 60 लाख रुपये की लागत से वर्टिकल गार्डन विकसित किए जा रहे हैं। क्लोरोफाइटम, रोहिया, सघेनियम, स्पेथोफायलम जैसे पौधे लगाए जा रहे हैं, ताकि प्रदूषण का स्तर कम किया जा सके।

यह होंगे फायदे
- मेट्रो पिलर पर वर्टिकल गार्डन विकसित करने से सड़कों पर प्रदूषण का स्तर होगा कम।
- मेट्रो पिलर पर पोस्टर लगाकर इन्हें गंदा नहीं किया जा सकेगा, खूबसूरत दिखेंगे पिलर।
- जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए मददगार साबित हो सकते हैं वर्टिकल गार्डन।

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