दिल्ली में 'आरोग्य' के मंदिर में स्वच्छता का मजाक: टॉयलेट बना गोदाम, शौच के लिए कहां जाएं महिलाएं और बच्चे?
अस्पताल जैसी जगह पर शौचालय की सुविधा न होने से मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों को मजबूरन वैकल्पिक व्यवस्थाएं तलाशनी पड़ती हैं। इस अव्यवस्था के कारण विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को अत्यधिक कठिनाई और असहजता झेलनी पड़ रही है।
विस्तार
आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर अपनी अव्यवस्थाओं के कारण सवालों के घेरे में हैं। दिल्ली के ब्रह्मपुरी एक्स ब्लॉक स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कुव्यवस्था का आलम यह है कि मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए बनाए गए शौचालयों को कबाड़ और अन्य सामान रखकर गोदाम में तब्दील कर दिया गया है।
बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव
स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए आने वाले लोगों को इस लापरवाही की वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, डिस्पेंसरी के शौचालयों में विभिन्न प्रकार का सामान और अन्य सामग्री भर दी गई है, जिसके चलते कोई भी इनका उपयोग नहीं कर पा रहा है।
महिलाओं और बच्चों को सर्वाधिक परेशानी
अस्पताल जैसी जगह पर शौचालय की सुविधा न होने से मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों को मजबूरन वैकल्पिक व्यवस्थाएं तलाशनी पड़ती हैं। इस अव्यवस्था के कारण विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को अत्यधिक कठिनाई और असहजता झेलनी पड़ रही है। एक ओर जहां सरकार साफ-सफाई पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य केंद्र में ही शौचालयों का गोदाम के रूप में इस्तेमाल स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की मांग
केंद्र में इलाज कराने आए लोगों में इस कुव्यवस्था को लेकर रोष है। मरीजों और स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। शौचालय जैसी अत्यंत आवश्यक सुविधा बंद होने से लोगों को असुविधा के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं का खतरा भी बना रहता है।
स्थानीय निवासियों और तीमारदारों ने संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि शौचालयों को तत्काल प्रभाव से खाली कराकर उन्हें दोबारा मरीजों के उपयोग के लिए सुलभ कराया जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्र की चरमराई व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार किया जाए।