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ग्रेटर नोएडा: गरीबी और कोरोना की वजह से संक्रमित वृद्ध महिला को छोड़ गए घर वाले
Thu, 06 Aug 2020 09:01 AM IST
प्राची प्रियम
संदीप वर्मा, ग्रेटर नोएडा
संदीप वर्मा, ग्रेटर नोएडा
Published by: प्राची प्रियम
Updated Thu, 06 Aug 2020 09:01 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
एक तो कोरोना, ऊपर से गरीबी की मार झेल रहे परिवार के लोग शारदा अस्पताल में इलाज करा रही संक्रमित महिला की सुध नहीं ले रहे हैं। किडनी खराब होने के चलते डायलिसिस पर जोया की हालत गंभीर है।
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वह एनिमिक भी है। जिसकी वजह से छह यूनिट रक्त की भी आवश्यकता है। जोया का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव है। अस्पताल ने जब पति से संपर्क किया तो उसने नोएडा से आने में असमर्थता जता दी।
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ऐसे में अब अस्पताल प्रशासन रक्त के इंतजाम में जुटा है। वहीं, दो यूनिट रक्त उसे चढ़ाया भी गया है। साइबर सेल इंचार्ज बलजीत सिंह और पड़ोसी सनी ने उसे रक्त दिया है।
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नॉलेज पार्क स्थित शारदा अस्पताल एल-3 श्रेणी का कोविड अस्पताल है। यहां कोरोना के साथ-साथ किडनी, लिवर, मधुमेह, हाईपरटेंशन का भी इलाज होता है। एक अगस्त को संक्रमित होने पर सेक्टर-32 निवासी जोया (35) को भर्ती कराया गया था।
प्रवक्ता डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि किडनी खराब होने के चलते प्रतिदिन जोया को डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। पहले डायलिसिस दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में होती थी।
डॉ. अजीत ने बताया कि वर्तमान में गंभीर हालत में दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया है। अभी छह यूनिट रक्त की आवश्यकता है। ऐसे में पति मंगल से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह सेक्टर-32 के पास एक गांव में झुग्गी में रहता है।
मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता है। उसके पास उपचार के पैसे नहीं है। इस पर अस्पताल प्रशासन ने उसे बताया कि उपचार तो सरकार करवा रही है। लेकिन जोया को रक्त की जरूरत है। इस पर उसने नोएडा से वहां पहुंचने में असमर्थता जता दी। अस्पताल ने बताया कि जोया के परिजन उसका हालचाल तक नहीं पूछते हैं।
मदद को उठे हाथ
परिजनों की अनदेखी का शिकार जोया के लिए मदद के हाथ भी उठ रहे हैं। परिवार की परेशानी और असमर्थता का पता चलने पर जोया के पड़ोसी सनी ने उसे एक यूनिट रक्त दिया।
इसके साथ ही अन्य लोगों से भी मदद की अपील की। वहीं, साइबर सेल इंचार्ज बलजीत सिंह ने भी जोया को रक्त दिया और लोगों से आगे आने की अपील की।