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Delhi NCR News: प्रदूषण से महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य पर खतरा
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अध्ययन में देर से माहवारी शुरू होने की आशंका 24% और जल्दी रजोनिवृत्ति का जोखिम 23% अधिक मिला
कैंसर से संभावित संबंधों पर भी शोध जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा महिलाओं के हार्मोन और प्रजनन स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। एक अध्ययन में पाया गया है कि प्रदूषण के अधिक संपर्क में रहने वाली महिलाओं में माहवारी देर से शुरू होने की संभावना 24 फीसदी अधिक है। वहीं, उनमें जल्दी रजोनिवृत्ति का जोखिम 23 फीसदी अधिक दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों ने एक देशव्यापी अध्ययन का हवाला दिया, जिसने पर्यावरणीय प्रदूषण और महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य के संबंधों का विश्लेषण किया। इस शोध में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के साथ उपग्रह से प्राप्त प्रदूषण संबंधी आंकड़ों का उपयोग किया गया। माहवारी शुरू होने के विश्लेषण में 15 से 24 वर्ष की करीब 1.8 लाख महिलाओं के आंकड़े शामिल थे। रजोनिवृत्ति संबंधी विश्लेषण में 30 से 49 वर्ष की लगभग तीन लाख महिलाओं के आंकड़े शामिल थे।
उत्तर भारत, खासकर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में यह संबंध अधिक स्पष्ट पाए गए। स्त्री रोग कैंसर विशेषज्ञ रमा जोशी के मुताबिक, सूक्ष्म कणों वाले प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क से शरीर में सूजन और कोशिकाओं पर हानिकारक असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य पर प्रदूषण के संभावित प्रभाव को लेकर कुछ शोध सामने आए हैं, लेकिन स्त्री रोग संबंधी कैंसर से इसका संबंध अभी शोध का विषय है।
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कैंसर के संभावित जोखिम
विशेषज्ञ अब यह भी जांच रहे हैं कि क्या प्रदूषण से शरीर में होने वाली सूजन और कोशिकाओं को नुकसान गर्भाशय व अंडाशय से जुड़े कैंसर के जोखिम में भूमिका निभाते हैं। सर गंगाराम अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के उपाध्यक्ष आदित्य सरीन ने कहा कि सूक्ष्म कणों के लंबे समय तक संपर्क से शरीर में सूजन और कोशिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे संकेतों को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रदूषित क्षेत्रों में विस्तृत शोध जरूरी है।
इन लक्षणों पर दें ध्यान
रमा जोशी ने महिलाओं को असामान्य रक्तस्राव, माहवारी का बहुत अधिक या लंबे समय तक चलना और रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की बात कही।
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कैंसर से संभावित संबंधों पर भी शोध जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा महिलाओं के हार्मोन और प्रजनन स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। एक अध्ययन में पाया गया है कि प्रदूषण के अधिक संपर्क में रहने वाली महिलाओं में माहवारी देर से शुरू होने की संभावना 24 फीसदी अधिक है। वहीं, उनमें जल्दी रजोनिवृत्ति का जोखिम 23 फीसदी अधिक दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों ने एक देशव्यापी अध्ययन का हवाला दिया, जिसने पर्यावरणीय प्रदूषण और महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य के संबंधों का विश्लेषण किया। इस शोध में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के साथ उपग्रह से प्राप्त प्रदूषण संबंधी आंकड़ों का उपयोग किया गया। माहवारी शुरू होने के विश्लेषण में 15 से 24 वर्ष की करीब 1.8 लाख महिलाओं के आंकड़े शामिल थे। रजोनिवृत्ति संबंधी विश्लेषण में 30 से 49 वर्ष की लगभग तीन लाख महिलाओं के आंकड़े शामिल थे।
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उत्तर भारत, खासकर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में यह संबंध अधिक स्पष्ट पाए गए। स्त्री रोग कैंसर विशेषज्ञ रमा जोशी के मुताबिक, सूक्ष्म कणों वाले प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क से शरीर में सूजन और कोशिकाओं पर हानिकारक असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य पर प्रदूषण के संभावित प्रभाव को लेकर कुछ शोध सामने आए हैं, लेकिन स्त्री रोग संबंधी कैंसर से इसका संबंध अभी शोध का विषय है।
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कैंसर के संभावित जोखिम
विशेषज्ञ अब यह भी जांच रहे हैं कि क्या प्रदूषण से शरीर में होने वाली सूजन और कोशिकाओं को नुकसान गर्भाशय व अंडाशय से जुड़े कैंसर के जोखिम में भूमिका निभाते हैं। सर गंगाराम अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के उपाध्यक्ष आदित्य सरीन ने कहा कि सूक्ष्म कणों के लंबे समय तक संपर्क से शरीर में सूजन और कोशिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे संकेतों को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रदूषित क्षेत्रों में विस्तृत शोध जरूरी है।
इन लक्षणों पर दें ध्यान
रमा जोशी ने महिलाओं को असामान्य रक्तस्राव, माहवारी का बहुत अधिक या लंबे समय तक चलना और रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की बात कही।