विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: प्रदूषण लोगों को बना रहा मनोरोगी, हो जाती है विटामिन की कमी
विशेषज्ञों की माने तो अस्पतालों के मनोरोग विभाग में आने वाले अधिकतर मरीजों में समस्या के लिए प्रदूषण एक बड़ा कारण है। इसे लेकर शोध भी हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अपने गाइडलाइन में प्रदूषण को एक बड़ा कारण बताया है।
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प्रदूषण लोगों को मनोरोगी बना रहा है। इससे शरीर में विटामिन की कमी होने लगती है। साथ ही हार्मोन्स में बदलाव आता है। जो धीरे-धीरे व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव लाकर उसमें तनाव, चिंता जैसे लक्षणों को बढ़ाता है जो आगे चलकर रोग के बड़े कारण बनते हैं।
विशेषज्ञों की माने तो अस्पतालों के मनोरोग विभाग में आने वाले अधिकतर मरीजों में समस्या के लिए प्रदूषण एक बड़ा कारण है। इसे लेकर शोध भी हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अपने गाइडलाइन में प्रदूषण को एक बड़ा कारण बताया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि दिल्ली के मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान, सफदरजंग, डॉ. राम मनोहर लोहिया, एम्स, लोक नायक, लेडी हार्डिंग, जीटीबी, डीडीयू, इंदिरा गांधी सहित दिल्ली के दूसरे अस्पतालों में रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज आते हैं। इन मनोरोगियों की समस्या बढ़ाने में प्रदूषण एक बड़ा कारक है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मनोरोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. लोकेश शेखावत ने बताया कि अस्पताल में रोजाना करीब 300 मरीज आते हैं। इन मरीजों में रोग बढ़ने के पीछे प्रदूषण एक बड़ा कारण पाया गया है। इसके अलावा यमुना के प्रदूषित जल के संपर्क में आने वाले लोगों में भी मनोरोग की समस्या देखी जा रही है। प्रदूषण को अनदेखा नहीं किया जा सकता। मनोरोग के लिए एंजाइटी, तनाव सबसे बड़ा कारण है और यह दोनों लक्षण महिलाओं में सबसे ज्यादा मिलते हैं। प्रदूषण इसे और विकराल बना रहा है।
हर घर में हैं माइनर साइकोलॉजिकल इश्यू
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों की काउंसलिंग के दौरान मिलने वाले फीडबैक से पता चलता है कि हर घर में माइनर साइकोलॉजिकल इश्यू है। स्थिति गंभीर होने के बाद ऐसे लोगों को अस्पताल आने की जरूरत पड़ती है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में 13 फीसदी लोगों में मरोरोग की समस्या है, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि यह वह लोग हैं जो अस्पताल तक पहुंचे हैं, जबकि बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की है जो लक्षणों को सामान्य मानकर अस्पताल ही नहीं जाते।
प्रदूषण के कारण बदलाव
- महिलाओं में- माहवारी में बदलाव
- पुरुषों में- तनाव
यह कारण बढ़ाते हैं समस्या
- नशा
- मोटापा
- नींद कम होना
- वातावरण में बदलाव
- तनाव
- सामाजिक जुड़ाव का अभाव
ऐसे कम कर सकते हैं समस्या
- अच्छा व पौष्टिक भोजन
- सामाजिक जुड़ाव बढ़ाकर
- बच्चों पर ध्यान देकर
- प्राकृतिक वातावरण
जागरूकता घटाएगी समस्या
द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित ने बताया कि लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाने के लिए शिक्षित करना आवश्यक है। हमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी स्टिग्मा को समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए। इसमें जागरूकता अहम भूमिका निभा सकता है। यदि लोग लक्षण दिखने पर उपचार करवाए तो समस्याओं को रोका जा सकता है।